Class 10th Hindi Bish Ke Dant Subjective Questions || विष के दाँत कक्षा 10 हिंदी प्रश्न उत्तर

प्रश्न 1. खोखा किन मामलों में अपवाद था ? [2014 A
उत्तर-  खोखा जीवन के नियम का अपवाद तो था ही वह घर के नियमों  का भी अपवाद था। वह शरारती और लापरवाह था। लाड़पलनेवाला-शरारती बिगडैल बच्चा था।

 


प्रश्न 2.  काशू और मदन के बीच झगड़े का क्या कारण था? इस प्रसंग द्वारा लेखक क्या दिखलाना चाहता है? [16A
उत्तर-   
 काशू और मदन के बीच झगड़े का कारण काशू की लटू खेलने  की ललक और मदन द्वारा उसे खेलाने से इनकार करना था। लेखक इसके द्वारा बच्चों की ईर्ष्या और इनकार दिखाना चाहता है।

 


प्रश्न 3 .   काशू का चरित-चित्रण करें। [M.Q. Set-1 : 2016]
उत्तर-   
काशू समृद्ध पिता का शोख लड़का है। माता-पिता और बहनों का अतिशय प्रेम पाकर उसके स्वभाव में एक प्रकार का दुराग्रह व्याप्त हो गया है। वह जिद्दी स्वभाव का है, उसके मन में जो आता है, वही करता है।

 


प्रश्न 5 .  सेन साहब के परिवार में बच्चों के पालन-पोषण में किए जा रहे लिंग-आधारित भेदभाव का अपने शब्दों में वर्णन कीजिए। [TBOI
उत्तर— 
 सेन साहब अमीर आदमी थे। उनकी पाँच लड़कियाँ थीं एवं एक लड़का था। उस परिवार में लड़कियों के लिए घर में अलग नियम तथा शिक्षा थी लेकिन लड़का के लिए अलग नियम एवं अलग शिक्षा ।

 


प्रश्न 6 .  विष के दाँत शीर्षक कहानी का नायक कौन है? तर्कपूर्ण उत्तर दें। [2017A, 2014A]
उत्तर-   
‘विष के दाँत’ कहानी में मदन ऐसा पात्र है जो अहंकारी के अहंकार को नहीं सहन करता है बल्कि उसका स्वाभिमान जाग्रत होता है और वह ‘खोखा’  जैसे बालक को ठोकर देकर वर्षों से दबे अपने पिता की आँखें भी खोल देता है  सम्पूर्ण कहानी में मदन की क्रांतिकारी भूमिका है। अतः इसका नायक मदन है।

 


प्रश्न 7 .  सेन साहब काशु को विद्यालय पढ़ने के लिए क्यों नहीं भेजते हैं ?  [2018C]
उत्तर-
  सेन साहब काशु को बिजनेसमैन और इंजीनियर बनाना चाहते हैं। इसके लिए वे आजकल की पढ़ाई-लिखाई को फिजूल समझते हैं और अपने घर पर ही  बढ़ई मिस्त्री के साथ कुछ ठोक-पीट करने का इन्तजाम कर दिया है।

 


प्रश्न 8 .  काशू और मदन के बीच झगड़े का कारण क्या था? इस प्रसंग के द्वारा लेखक क्या दिखाना चाहता है ? |2017A, 2016 A]
उत्तर- 
मदन द्वारा गाड़ी छूने के उपरान्त सेन परिवार के ड्राइवर ने उसे धक्का दिया था। इससे आहत मदन ने ड्राइवर का प्रतिकार कर दिया था। इस प्रतिकार की सजा उसे ही नहीं उसके माता-पिता को भी नसीहत के रूप
में दे दी गई। मदन का कुंठित मन एक दिन काशू के ऊपर उग्र हो गया। लटू खेलने के नाम पर दोनों एक-दूसरे से उलझ गये । इस झगड़ा में काशू के दो दाँत टूट गये । इसका परिणाम हुआ कि मदन के पिता को नौकरी से निकाल दिया गया। वस्तुतः यहाँ लेखक ने अमीरी-गरीबी के बीच पनपती घृणा, वैमनस्य आदि को चित्रित किया है।

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