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2024 की प्रथम पाली का सामाजिक विज्ञान पेपर उन बच्चों को आज भी याद है जिन्होंने उसे देकर निकलते हुए कहा था — सवाल किताब के अंदर से थे, पर चारों विकल्प ऐसे लगे जैसे किसी ने जान-बूझकर आस-पास से उठाकर रख दिए हों।
यही एक बात इस पेपर को बाकी सालों से अलग बनाती है। जो बच्चे रटकर आए थे, वे विकल्पों के जाल में उलझे; जिन्होंने अध्याय को समझा था, उनके लिए वही सवाल आसान बन गए। नीचे वही 78 सवाल रखे हैं — परीक्षा के क्रम में, परीक्षा की भाषा में।
टेस्ट फ्री है और इसमें सिर्फ़ नाम लिखना पड़ता है। सबमिट करने के बाद हर सवाल का सही उत्तर, आपका कुल स्कोर और किन-किन सवालों पर नंबर कटे — तीनों एक साथ दिख जाएंगे।
| कुल सवाल | 78 |
| भूगोल | 25 |
| अर्थशास्त्र | 20 |
| इतिहास | 18 |
| नागरिक शास्त्र | 15 |
| सुझाया समय | 24 से 26 मिनट |
| शुल्क | कुछ नहीं, बस नाम और मोबाइल नंबर |
टेस्ट शुरू करने से पहले तीन छोटी बातें
पहली — घड़ी सामने रखिए। असली परीक्षा में 78 सवालों के लिए आपको लगभग इतना ही समय मिलेगा, इसलिए यहाँ भी उतना ही रखिए। दूसरी — कोई सवाल अटके तो उस पर दो मिनट से ज़्यादा मत रुकिए, नंबर लिखकर आगे बढ़ जाइए। तीसरी — जो सवाल आपको बिल्कुल नहीं आता, उसमें भी एक विकल्प ज़रूर भरिए; खाली छोड़ने पर शून्य पक्का है, अंदाज़ा लगाने पर कम से कम एक मौका बचा रहता है।
यहाँ से अपना टेस्ट शुरू कीजिए
अब कागज़ और पेन उठाइए। नीचे टेस्ट शुरू होते ही पहला सवाल स्क्रीन पर आ जाएगा।
78 सवालों का ढाँचा: इस बार भूगोल सबसे भारी पड़ा
पूरे पेपर को चार हिस्सों में बाँटकर देखिए तो एक साफ तस्वीर बनती है। भूगोल के 25 सवाल हैं — यानी हर तीन सवाल में से एक सीधे नक्शे, मिट्टी, नदी या उद्योग से आया है। अर्थशास्त्र 20 पर खड़ा है, इतिहास 18 पर और नागरिक शास्त्र 15 पर।
इस बँटवारे का मतलब यह नहीं है कि इतिहास हल्का हो गया। इसका मतलब यह है कि अगर आपने भूगोल को “आखिर में देख लेंगे” वाली सूची में रखा है, तो इस बार आप 25 सवालों का जोखिम उठा रहे हैं।
भूगोल के 25 सवाल: चार जगह से घूमकर आए
इन 25 सवालों को ध्यान से देखेंगे तो वे चार जगहों से आते दिखेंगे — मिट्टी और फसल, नदी और परियोजना, उद्योग और खनिज, और बंदरगाह-परिवहन। बिहार वाला हिस्सा भी इसी के अंदर है: जूट, बाढ़ प्रवण क्षेत्र, दक्षिण बिहार की नदी और “बिहार का शोक” — ये चारों सवाल उसी खाने से निकले हैं।
एक और बात जो साफ दिखती है — इस पेपर में भूगोल के सवाल “परिभाषा” से ज़्यादा “पहचान” पर टिके थे। कौन-सी मिट्टी कहाँ मिलती है, कौन-सा उद्योग किस क्षेत्र में बैठा है। यही वजह है कि नक्शा देखकर पढ़ने वाले बच्चों को यह हिस्सा आसान लगा।
अर्थशास्त्र के 20 सवाल: रोज़मर्रा के पैसे से जुड़े
यहाँ सवाल बहुत ऊँचे सिद्धांतों से नहीं आए। GDP की परिभाषा, प्रति व्यक्ति आय, बचत, साख पत्र, सहकारिता, बैंक का एजेंसी कार्य और LPG नीति — सब कुछ उसी किताब के अंदर से, जो आप पढ़ रहे हैं। मुश्किल सिर्फ़ इतनी है कि इनमें शब्द बहुत मिलते-जुलते हैं। “साख पत्र नहीं है” जैसे सवाल में चारों विकल्प सही लगते हैं, और गलती वहीं होती है।
इस हिस्से में जो बच्चे हारते हैं, वे ज्ञान की कमी से नहीं हारते — वे शब्दों की बारीकी न पकड़ने से हारते हैं। भूमि का पारिश्रमिक “लगान” कहलाता है और पूँजी का “ब्याज” — दो शब्द, दो अलग अर्थ, पर विकल्पों में ये आपस में बदल जाते हैं।
इतिहास के 18 सवाल: यूरोप और आंदोलन, दोनों
इतिहास में दो धाराएँ साफ़ दिखती हैं। एक तरफ़ यूरोप — इटली का एकीकरण, लुई फिलिप, जेनेवा कन्वेंशन, मुद्रण का इतिहास, रूस की संसद। दूसरी तरफ़ भारत — जालियाँवाला बाग, असहयोग आंदोलन, दांडी यात्रा, इलबर्ट बिल, मुस्लिम लीग।
ध्यान देने वाली बात यह है कि इस बार तारीखें कम और “कौन-सी घटना किस आंदोलन से जुड़ी है” ज़्यादा पूछा गया। यानी जो बच्चा घटनाओं को एक कहानी की तरह पढ़ता है, वह तारीख भूलकर भी सवाल सही कर लेता है।
नागरिक शास्त्र के 15 सवाल: संविधान के इर्द-गिर्द
यह सबसे छोटा हिस्सा है, पर सबसे ज़्यादा “पक्के” नंबरों वाला। संविधान सभा, 12वीं अनुसूची, स्थानीय स्वशासन, संघ और राज्य की सूचियाँ, राजनीतिक दल, गठबंधन की राजनीति — इन सवालों में अंदाज़ा नहीं चलता, या तो आपको याद है या नहीं। इसलिए इस हिस्से को पढ़ने का सबसे सस्ता तरीका है — एक पेज पर सारी अनुसूचियाँ और सूचियाँ लिख लीजिए।
पाँच सवाल जहाँ अच्छे बच्चे भी अटकते हैं
पूरा पेपर हल करने के बाद ये पाँच सवाल अलग से देखिए। यहाँ गलती ज्ञान की नहीं, पढ़ने की रफ़्तार की होती है।
- भारत विश्व व्यापार संगठन का सदस्य कब बना? — जवाब 1 जनवरी 1995 है। बहुत बच्चे 1948 लिख देते हैं, क्योंकि तब GATT बना था। दोनों अलग चीज़ें हैं।
- पर्यावरण संरक्षण हेतु पहला विश्व शिखर सम्मेलन कब हुआ? — 1972, स्टॉकहोम। यह सवाल इसलिए फँसाता है कि 1992 का रियो सम्मेलन ज़्यादा मशहूर है, पर पूछा पहला सम्मेलन है।
- रिक्टर पैमाने की प्रत्येक इकाई के बाद तीव्रता कितनी बढ़ती है? — लगभग 10 गुना। यहाँ लोग “दुगनी” या “सौ गुना” जैसे विकल्प चुन लेते हैं।
- योजना आयोग का गठन कब हुआ? — 15 मार्च 1950। 1947 और 1952 के बीच के विकल्प सबसे ज़्यादा चुने जाते हैं।
- कल्पक्कम परमाणु विद्युत संयंत्र कहाँ है? — तमिलनाडु। तीन और राज्यों के नाम विकल्प में होते हैं, और तीनों में परमाणु संयंत्र सचमुच हैं — इसीलिए यह सवाल धोखा देता है।
स्कोर के चार बैंड, और हर बैंड के लिए अलग काम
सबमिट करने के बाद सिर्फ़ नंबर मत देखिए। नंबर के साथ यह भी देखिए कि गलती किस हिस्से में हुई। नीचे चार बैंड दिए हैं — इनमें अपना बैंड ढूँढ़िए और उसी के हिसाब से अगला हफ़्ता तय कीजिए।
| 62 से ऊपर | बहुत अच्छा। अब नए सवाल नहीं, पुरानी गलतियाँ ठीक कीजिए। हर गलत सवाल के नीचे वाला अध्याय 20 मिनट देखिए। |
| 48 से 61 | तैयारी ठीक है, पर पक्की नहीं। सबसे कमज़ोर विषय के 15 सवाल रोज़ हल कीजिए, सिर्फ़ वही। |
| 35 से 47 | किताब दोबारा पढ़ने का समय है। पहले वह अध्याय, जिसमें सबसे ज़्यादा गलतियाँ हुईं — नोट्स बनाकर। |
| 35 से नीचे | घबराने की बात नहीं। रोज़ 20 सवाल, और हर सवाल का जवाब किताब में ढूँढ़कर लिखिए। दो हफ़्ते में फर्क दिखेगा। |
आखिरी सात दिन का रिवीज़न प्लान
अगर परीक्षा सात दिन बाद है और पूरा सिलेबस एक बार पढ़ा हुआ है, तो इन सात दिनों को इस तरह बाँटिए।
| दिन 1–2 | भूगोल के 25 सवाल वाले अध्याय — नक्शा और मिट्टी पहले। |
| दिन 3 | अर्थशास्त्र के परिभाषा वाले सवाल, एक पेज पर लिखकर। |
| दिन 4 | इतिहास की तारीखें और आंदोलन — घटना के क्रम में। |
| दिन 5 | नागरिक शास्त्र — अनुसूचियाँ और तीनों सूचियाँ। |
| दिन 6 | दो पुराने पेपर, पूरे समय के साथ। |
| दिन 7 | सिर्फ़ गलतियों की सूची। नया कुछ नहीं। |
बोर्ड की तैयारी के वे सवाल जो हर बच्चा पूछता है
टेस्ट के बाद जो बातें सबसे ज़्यादा पूछी जाती हैं, उनका छोटा और सीधा जवाब नीचे है। यह अलग लेख का विषय है, पर इतना जान लेना इसी पेपर के बाद काम आएगा।
10वीं में 90% से ऊपर कैसे आएँ
90% कोई जादुई सूत्र नहीं है, यह एक हिसाब है। बिहार बोर्ड में करीब आधे नंबर वस्तुनिष्ठ सवालों से आते हैं, और सबसे ज़्यादा नुकसान भी वहीं होता है। जो बच्चे 90% पाते हैं, वे नई किताबें नहीं खरीदते — वे एक ही किताब को तीन बार पढ़ते हैं और हर बार सवाल हल करते हैं। दूसरी आदत यह है कि वे हर अध्याय के बाद 10 सवाल हल करते हैं, आखिर में नहीं। तीसरी और सबसे ज़रूरी बात — वे अपनी गलतियों का एक अलग कॉपी बनाते हैं। परीक्षा से पहले वही कॉपी पढ़ी जाती है, किताब नहीं।
गणित में कौन से चैप्टर कभी न छोड़ें
गणित में सबसे बड़ी गलती यह होती है कि बच्चे कठिन चैप्टर छोड़कर आसान वाले बार-बार दोहराते हैं। असल में नंबर उन चैप्टर से आते हैं जिनमें सवाल हर साल लगभग एक जैसे आते हैं — वास्तविक संख्याएँ, बहुपद, दो चर वाले रैखिक समीकरण, त्रिभुज, और सांख्यिकी। इनमें से किसी को छोड़ना सीधे 8 से 10 नंबर छोड़ने जैसा है। त्रिकोणमिति में सूत्र याद करने से ज़्यादा ज़रूरी है कि आप तीन-चार सवाल रोज़ लिखकर हल करें। रोज़ 45 मिनट गणित को दीजिए, हफ़्ते में एक दिन सिर्फ़ पुराने सवालों का।
कॉपी कैसे लिखें कि पूरे नंबर मिलें
परीक्षा में जाँचने वाले शिक्षक के पास हर कॉपी के लिए दो-तीन मिनट होते हैं। इसलिए वह पहले उत्तर की लंबाई नहीं, उत्तर का ढाँचा देखता है। हर लंबे उत्तर में तीन चीज़ें होनी चाहिए — पहली पंक्ति में सीधा जवाब, बीच में दो या तीन बिंदु, और अंत में एक पंक्ति का निष्कर्ष। जहाँ संभव हो, बिंदु लिखिए; अनुच्छेद कम लिखिए। महत्वपूर्ण शब्दों को रेखांकित कीजिए, पर पूरा पेज रंगिए मत। और सबसे ज़रूरी — उत्तर संख्या साफ़ लिखिए। गलत नंबर वाला सही उत्तर भी नंबर नहीं देता।
आखिरी एक महीने में रिवीज़न कैसे करें
आखिरी महीने में नया अध्याय शुरू करना सबसे बड़ी भूल है। इस महीने का काम सिर्फ़ तीन चीज़ों पर है — पुराने पेपर, गलतियों की सूची, और वे अध्याय जिनमें आप कमज़ोर हैं। हर दिन दो घंटे पुराने सवाल, एक घंटा कमज़ोर अध्याय, और आधा घंटा अपनी गलतियों की कॉपी। हफ़्ते में एक बार पूरा पेपर समय देकर हल कीजिए। जो अध्याय तीन बार में भी समझ न आए, उसे छोड़ दीजिए — उस पर समय खर्च करने से ज़्यादा फायदा उन सवालों को पक्का करने में है जो आपको आते हैं।
साइंस के डायग्राम और रिएक्शन याद रखने की आसान ट्रिक
डायग्राम रटे नहीं जाते, बनाए जाते हैं। एक डायग्राम को पाँच बार बिना देखे बनाइए — तीन बार में हाथ को आदत पड़ जाती है। नाम और लेबल अलग बाद में लिखिए, पहले आकार। रासायनिक समीकरण के लिए एक छोटी कॉपी बनाइए जिसमें सिर्फ़ दस सबसे ज़्यादा पूछे जाने वाले समीकरण हों, और हर सुबह उन्हें बिना देखे लिखिए। संतुलित करना भूल जाएँ तो याद रखिए — दोनों तरफ़ परमाणुओं की गिनती बराबर होनी चाहिए, बस इतना।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
यह टेस्ट फ्री है या पैसे लगेंगे?
पूरी तरह फ्री है। कोई रजिस्ट्रेशन नहीं, कोई पासवर्ड नहीं। शुरू करने से पहले सिर्फ़ नाम लिखना पड़ता है ताकि आपका स्कोर सेव हो सके।
टेस्ट में कितने सवाल हैं और कितना समय देना चाहिए?
कुल 78 सवाल हैं और इन्हें 24 से 26 मिनट में पूरा करने की कोशिश कीजिए। अगर एक मिनट ज़्यादा लग जाए तो चिंता नहीं, पर 30 मिनट से ऊपर जाने का मतलब है कि रफ़्तार पर काम करना बाकी है।
क्या हर सवाल का सही जवाब दिखेगा?
हाँ। टेस्ट खत्म करते ही आपको हर सवाल के सामने सही विकल्प और अपना चुना हुआ विकल्प दोनों दिख जाएगा, साथ में कुल स्कोर।
2024 का पेपर अब क्यों हल करें?
क्योंकि अगले पेपर का ढांचा पिछले पेपर से ही समझ आता है। पुराना पेपर बताता है कि किस अध्याय से कितने सवाल आते हैं और विकल्पों में धोखा किस तरह दिया जाता है।
क्या यह टेस्ट मोबाइल पर चलेगा?
हाँ, मोबाइल, टैबलेट और लैपटॉप — तीनों पर ठीक चलता है। मोबाइल पर सवाल पढ़ने के लिए थोड़ा स्क्रॉल करना पड़ सकता है, पर सबमिट करने में कोई दिक्कत नहीं आती।
आखिरी बात
एक पेपर से अंदाज़ा मत लगाइए कि पूरा सिलेबस छोड़ देना है। पुराने पेपर इसलिए हल कीजिए कि आपको पता चले कि सवाल किस तरह पूछे जाते हैं — किस शब्द में घुमाया जाता है, कहाँ दो विकल्प एक जैसे लगते हैं। जवाब आपकी किताब में ही हैं, पूछने का तरीका पुराने पेपर में है।
इस टेस्ट के बाद अगला काम यह कीजिए — 2023 की दूसरी पाली वाला टेस्ट दीजिए और दोनों के स्कोर आपस में मिलाइए। जिस विषय में दोनों बार नंबर कटे, वही आपका असली कमज़ोर हिस्सा है।
अगले टेस्ट, जो इसी क्रम में देने चाहिए
एक साल का पेपर हल करके रुक मत जाइए। नीचे तीन टेस्ट हैं जो इसी सीरीज़ के हैं — इन्हें इसी क्रम में दीजिए, क्योंकि पुराने से नए की तरफ़ जाने पर पैटर्न साफ़ दिखता है।
- SST PYQ 2023 द्वितीय पाली — 79 सवाल, इतिहास का हिस्सा अचानक बढ़ा हुआ।
- SST PYQ 2022 प्रथम पाली — 80 सवाल, भूगोल 33 के साथ सबसे भारी।
- SST PYQ 2021 प्रथम पाली — 79 सवाल, जिनमें अर्थशास्त्र का हिस्सा अचानक भारी था।
अगर आपको पूरे सिलेबस के अध्याय-वार टेस्ट चाहिए, तो Science Challenge 2027 का सोलह लेवल वाला हिस्सा देख लीजिए। और पिछले सालों के पेपर PDF में चाहिए तो कक्षा 10 के PDF पेज पर सब मौजूद हैं।
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क्लास 10 · फ्री स्टडी मटेरियल
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