sst pyq 2021 dwitiya pali 80 questions
दोनों पालियों के सवालों को एक-एक करके अलग रखा, तो सबसे पहली बात यही समझ आई: पहली पाली में भूगोल 26 सवालों पर रुका था, दूसरी पाली में वह 31 तक चला गया। यानी इस पेपर का लगभग हर ढाईवाँ सवाल सिर्फ़ भूगोल और आपदा प्रबंधन से था।
दूसरी तरफ़ नागरिक शास्त्र 14 से घटकर 11 रह गया। यह छोटा-सा दिखने वाला फ़र्क़ है, पर तैयारी पर असर बड़ा डालता है। जो बच्चा पहली पाली का पेपर देखकर मान बैठता है कि “नागरिक शास्त्र से ढेर सारे सवाल आते हैं”, वह दूसरी पाली में अपनी गिनती गलत लगाएगा। और जो भूगोल को आख़िर में पढ़ने के लिए छोड़ता है, उसके 31 सवालों में से आधे विकल्पों में ही फँस जाएँगे।
| कुल सवाल | 80 |
| विषय का बँटवारा | भूगोल 31, इतिहास 20, अर्थशास्त्र 18, नागरिक शास्त्र 11 |
| बिहार का ज़िक्र | 18 सवाल — इनमें 10 में बिहार सीधे सवाल के अंदर |
| सिर्फ़ “कब” पूछने वाले सवाल | 9 |
| “इनमें से सभी” वाले विकल्प | 5 सवालों में |
| सुझाया समय | 26 से 28 मिनट |
| भाषा | हिंदी, बोर्ड की शब्दावली |
| खर्च और लॉगिन | मुफ़्त, सिर्फ़ नाम लिखना है |
यहाँ से टेस्ट शुरू कीजिए
टेस्ट शुरू करने से पहले एक छोटा-सा काम कर लीजिए। एक कागज़ लीजिए और उस पर 1 से 80 तक नंबर लिख लीजिए। जिस सवाल में दो विकल्पों के बीच फँसें, उसका नंबर काट दीजिए। टेस्ट के बाद आपकी असली रिवीज़न लिस्ट यही कटे हुए नंबर होंगे — पूरा चैप्टर दोबारा पढ़ने से ज़्यादा फ़ायदा इन्हीं बारह-पंद्रह सवालों को दोबारा खोलने में है।
टेस्ट पूरा होते ही स्कोर और हर सवाल का सही जवाब सामने आ जाएगा। नीचे जो विश्लेषण है, उसे स्कोर देखने के बाद पढ़िए — पहले पढ़ लिया तो टेस्ट का मज़ा और फ़ायदा दोनों चले जाएँगे।
80 सवालों का ढाँचा: 31-20-18-11
पहली पाली और दूसरी पाली, दोनों को साथ रखकर देखिए। फ़र्क़ साफ़ दिखता है।
| विषय | 2021 प्रथम पाली | 2021 द्वितीय पाली |
| भूगोल और आपदा प्रबंधन | 26 | 31 |
| इतिहास | 18 | 20 |
| अर्थशास्त्र | 21 | 18 |
| नागरिक शास्त्र | 14 | 11 |
| कुल | 79 | 80 |
एक बात साफ़ कर दें: यह बँटवारा हमने हर सवाल के स्रोत चैप्टर के हिसाब से किया है। दो-तीन सवाल ऐसे हैं जिन्हें दो विषयों में रखा जा सकता है — जैसे “भारत में पहली सूती मिल” उद्योग का सवाल है, पर इसे इतिहास के चैप्टर से भी जोड़ा जा सकता है। ऐसे सवालों को इधर-उधर करने से दो-तीन का अंतर आ सकता है, पर बड़ी तस्वीर नहीं बदलती: इस पाली में भूगोल सबसे भारी रहा।
भूगोल के 31 सवाल: बिहार अकेले 12
भूगोल के 31 सवालों को अलग-अलग रखा, तो वे पाँच हिस्सों में बँट गए। और सबसे चौंकाने वाली बात — इनमें से 12 सवाल सिर्फ़ बिहार के भूगोल से थे।
- बिहार का भूगोल — 12 सवाल। राजगीर का रज्जू मार्ग, सासाराम का विकास, सबसे सूखा-प्रवण हिस्सा, यहाँ की मिट्टी, वन क्षेत्र का प्रतिशत, कृषि का दायरा, जिलों की संख्या, नवादा का ककोलत जलप्रपात, किस देश से सीमा जुड़ी है, गंडक परियोजना, कहलगाँव तापीय परियोजना और बाढ़-प्रवण हिस्सा। एक भी सवाल ऐसा नहीं जिसका जवाब सिर्फ़ किताब रटकर आ जाए — हर सवाल में बिहार का नक्शा दिमाग़ में चाहिए।
- आपदा प्रबंधन — 6 सवाल। सबसे ज़्यादा भूस्खलन किस राज्य में, भूकंप का अधिकेंद्र क्या कहलाता है, सुनामी किससे जुड़ी है, मलबे में दबे लोगों को ढूँढ़ने वाला यंत्र, प्राकृतिक आपदा कौन-सी है और सूखे का कारण। यह हिस्सा छोटा लगता है, पर हर साल 5-6 सवाल यहीं से आते हैं।
- खनिज और ऊर्जा — 6 सवाल। गोविंद सागर जलाशय किस बाँध से, मैग्नेटाइट, पीट, एंथ्रासाइट, “उद्योगों की जननी” कहा जाने वाला खनिज और देश का सबसे लंबा बाँध। यहाँ एक ही अध्याय के दो सवाल आमने-सामने आ गए — सबसे घटिया कोयला कौन-सा है और सबसे अच्छा कोयला कौन-सा।
- कृषि और मिट्टी — 5 सवाल। रोपण फसल कौन-सी नहीं है, प्रमुख खाद्यान्न, सोपानी कृषि कहाँ, पंजाब में भूमि निम्नीकरण की वजह और खरीफ की फसल।
- बाकी 2 सवाल। देश में पहली सूती मिल कहाँ लगी और सबसे ज़्यादा वन क्षेत्र किस राज्य में है।
ध्यान दीजिए, बिहार वाले 12 सवालों में कोई भी सवाल “बिहार की राजधानी क्या है” जैसा नहीं है। सब ज़िले, नदी, परियोजना और मिट्टी के स्तर के सवाल हैं। यही इस पेपर की सबसे बड़ी चेतावनी है — बिहार का नक्शा रटा हुआ नहीं, समझा हुआ चाहिए।
अर्थशास्त्र के 18 सवाल: पैसा, बैंक और आय
पहली पाली में अर्थशास्त्र 21 पर था, इस बार 18। गिरा ज़रूर है, पर इतना भी नहीं कि हल्के में लिया जाए। इन 18 सवालों को देखिए तो चार बड़े हिस्से दिखते हैं।
राष्ट्रीय आय — 3 सवाल। राष्ट्रीय आय की गणना कौन करता है, सबसे पहला अनुमान किसने लगाया और प्रति व्यक्ति आय का हमारे रहन-सहन से क्या रिश्ता है। यही तीन सवाल अगर पक्के हो जाएँ तो अर्थशास्त्र का सबसे उलझाने वाला हिस्सा खत्म।
मुद्रा और बैंकिंग — 4 सवाल। नोट कौन जारी करता है, देश का केंद्रीय बैंक कौन है, रिज़र्व बैंक की स्थापना कब हुई और दीर्घकालीन ऋण कौन देता है। यही वह हिस्सा है जहाँ इस पेपर ने सबसे ज़्यादा दोहराव किया — नीचे इस पर अलग से बात की है।
अर्थव्यवस्था के क्षेत्रक — 3 सवाल। संचार सेवाएँ किस क्षेत्र में आती हैं, हरित क्रांति किस क्षेत्र से जुड़ी है और प्राथमिक क्षेत्र में क्या गिना जाता है।
व्यवस्था, वैश्वीकरण और योजना — 5 सवाल। पिछड़ा राज्य कौन-सा है, आर्थिक क्रिया का उद्देश्य क्या है, वैश्वीकरण का मतलब क्या है, बिहार कैसी अर्थव्यवस्था वाला राज्य है और ऑपरेशन फ्लड क्या है।
उपभोक्ता और मानव पूँजी — 3 सवाल। उपभोक्ता अधिकार दिवस कब है, कृषि उत्पादों का मानक कौन-सा है और मानवीय पूँजी निर्माण का मुख्य घटक क्या है।
इतिहास के 20 सवाल: यूरोप फिर भारी पड़ा
इतिहास पहली पाली में 18 था, इस बार 20। और सबसे दिलचस्प बात — इसमें सबसे बड़ा हिस्सा यूरोप का रहा।
यूरोप और विश्व — 7 सवाल। फ्रैंकफर्ट की संधि, 1830 की क्रांति के बाद फ्रांस में शासन, बोल्शेविक क्रांति का नेतृत्व, जर्मनी का एकीकरण, सेफ्टी लैंप का आविष्कार और “समाजवाद की बाइबिल” कही जाने वाली किताब। जो बच्चा सिर्फ़ भारतीय इतिहास पढ़कर आता है, उसके यहाँ सीधे 7 सवाल खतरे में हैं।
भारत का स्वतंत्रता संग्राम — 6 सवाल। चौरी-चौरा के बाद बंद हुआ आंदोलन, तिनकठिया प्रणाली, जलियाँवाला बाग की जाँच समिति, भारत छोड़ो का नारा, कांग्रेस की स्थापना और चंपारण का पहला सत्याग्रह।
आज़ादी के बाद का भारत — 3 सवाल। संपूर्ण क्रांति का नेतृत्व, बांग्लादेश की आज़ादी और डॉ. राजेंद्र प्रसाद का जन्मस्थान।
संस्कृति और सभ्यता — 4 सवाल। एशिया-यूरोप का रेशम मार्ग, आयुर्वेद का जनक, मुद्रण का आविष्कार और अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस।
नागरिक शास्त्र के 11 सवाल: गिनती घटी, सवाल आसान नहीं
14 से 11 पर आ गया, पर यहाँ के सवाल उथले नहीं हैं। चार हिस्से साफ़ दिखते हैं।
संविधान और संघवाद — 3 सवाल। देश में केंद्र शासित प्रदेश कितने हैं, इनमें कौन-सा केंद्र शासित है और संघ सरकार का उदाहरण कौन-सा देश है।
पंचायती राज — 2 सवाल। पंचायतों को संवैधानिक दर्जा किस संशोधन से मिला और पंचायती राज सबसे पहले किस राज्य में शुरू हुआ।
लोकतंत्र, दल और चुनाव — 4 सवाल। लोकतंत्र की परिभाषा किसने दी, लोकतंत्र की सफलता में बाधा क्या है, गठबंधन सरकार के लिए कैसी दलीय व्यवस्था चाहिए और भाजपा के पहले अध्यक्ष कौन थे।
अधिकार और आपातकाल — 2 सवाल। सूचना का अधिकार कानून कब पारित हुआ और देश में राष्ट्रीय आपातकाल कब घोषित हुआ।
पाँच तथ्य जो इस पेपर में लौट-लौटकर आए
80 सवालों को पढ़ते हुए एक चीज़ बार-बार खटकती है — पेपर सेट करने वाले ने कुछ तथ्यों को जान-बूझकर दो बार रखा है। किसी को सीधे, किसी को उलटकर। यही वह जगह है जहाँ तैयार बच्चा और रटने वाला बच्चा अलग हो जाता है।
1. रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया — तीन सवाल, और एक जाल। सवाल 37 पूछता है कि नोट कौन जारी करता है, सवाल 46 पूछता है कि देश का केंद्रीय बैंक कौन है, और सवाल 63 पूछता है कि इसकी स्थापना कब हुई। तीनों का जवाब एक ही संस्था — आरबीआई। और सवाल 17 में यही आरबीआई विकल्प के तौर पर बैठा है, जबकि सही जवाब केंद्रीय सांख्यिकी संगठन है। यानी जिसने आरबीआई को “हर जगह सही जवाब” मान लिया, वह ठीक यहीं फँसेगा।
2. फ्रैंकफर्ट की संधि — दो सवाल, उलटी दिशा से। सवाल 14 पूछता है “1871 में कौन-सी संधि हुई थी” और सवाल 66 पूछता है “फ्रैंकफर्ट की संधि किस वर्ष हुई थी”। एक ही तथ्य, एक बार साल से संधि तक और एक बार संधि से साल तक। जो बच्चा सिर्फ़ “1871” रट लेता है और संधि का नाम नहीं जोड़ता, वह एक सवाल में ज़रूर अटकेगा।
3. कोयला — सबसे घटिया और सबसे अच्छा। सवाल 29 पूछता है सबसे घटिया कोयला कौन-सा है और सवाल 75 पूछता है सर्वोत्तम कोयला कौन-सा है। दोनों सवाल एक ही अध्याय से, पर जवाब दो अलग-अलग छोर पर हैं। यही सवाल-जोड़ी सबसे ज़्यादा गलती करवाती है, क्योंकि पहला जवाब दिमाग़ में बैठ जाता है और दूसरे में वही दोहरा दिया जाता है।
4. केंद्र शासित प्रदेश — गिनती और पहचान। सवाल 4 पूछता है देश में केंद्र शासित प्रदेश कितने हैं, सवाल 44 पूछता है इनमें से कौन-सा केंद्र शासित प्रदेश है। पहला सवाल गिनती माँगता है, दूसरा पहचान। दोनों को एक ही जवाब मान लेना सबसे आम गलती है।
5. पंचायती राज — संशोधन और शुरुआत। सवाल 7 पूछता है पंचायतों को संवैधानिक दर्जा किस संशोधन से मिला, सवाल 43 पूछता है पंचायती राज सबसे पहले किस राज्य में शुरू हुआ। संशोधन 73वाँ है, शुरुआत राजस्थान से हुई — दोनों तथ्य अलग-अलग दिशा से पूछे गए हैं।
इन पाँच जोड़ियों को अगर टेस्ट से पहले एक बार पढ़ लिया, तो आपके 10-11 सवाल पहले से सुरक्षित हो गए। यही इस टेस्ट को सिर्फ़ “देखने” और “देने” का फ़र्क़ है।
18 सवालों में बिहार — और 10 में तो सीधे सवाल के अंदर
इस पेपर की सबसे बड़ी पहचान यही है। 18 सवालों के सवाल या विकल्प में बिहार या बिहार की कोई जगह आती है। इनमें से 10 सवाल ऐसे हैं जिनमें बिहार सीधे सवाल का हिस्सा है:
- बिहार में रज्जू मार्ग कहाँ है
- बिहार का कौन-सा भाग सर्वाधिक सूखा-प्रवण है
- बिहार में प्रायः कैसी मिट्टी पाई जाती है
- बिहार में कितने प्रतिशत क्षेत्र में वन हैं
- बिहार में कितने प्रतिशत क्षेत्र में कृषि होती है
- बिहार कैसी अर्थव्यवस्था वाला राज्य है
- बिहार में कितने ज़िले हैं
- ककोलत जलप्रपात बिहार के किस ज़िले में है
- किस देश की सीमा बिहार से जुड़ी है
- बिहार में कौन बाढ़-प्रवण क्षेत्र है
बाकी आठ सवालों में बिहार विकल्प के तौर पर आता है — पिछड़ा राज्य कौन-सा है, सोपानी कृषि कहाँ प्रचलित है, गंडक परियोजना कहाँ है, कहलगाँव तापीय परियोजना किस ज़िले में है और डॉ. राजेंद्र प्रसाद का जन्मस्थान कहाँ है। ध्यान दीजिए — यहाँ बिहार “जवाब” भी है और “जाल” भी।
इतना बिहार किसी भी पेपर में अचानक नहीं आता। इसका मतलब साफ़ है: अगले पेपर के लिए पढ़ाई का क्रम बदलना होगा। पहले बिहार का नक्शा, फिर बाकी देश, फिर दुनिया।
9 सवाल सिर्फ़ “कब” पूछते हैं
पूरे पेपर में 9 सवाल ऐसे हैं जिनका जवाब सिर्फ़ एक तारीख़ या साल है। अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस कब मनाया जाता है, सूचना का अधिकार कानून कब पारित हुआ, सासाराम का विकास कब हुआ, उपभोक्ता अधिकार दिवस कब है, बांग्लादेश कब स्वतंत्र हुआ, राष्ट्रीय आपातकाल कब घोषित हुआ, आरबीआई की स्थापना कब हुई, फ्रैंकफर्ट की संधि किस वर्ष हुई और कांग्रेस की स्थापना कब हुई।
नौ सवाल, यानी पूरे पेपर का लगभग 11 प्रतिशत सिर्फ़ तारीख़ों से। जो बच्चा “तारीख़ें तो बाद में देख लूँगा” सोचता है, वह शुरू से ही 9 नंबर की गाड़ी में बैठता है। सबसे आसान उपाय — एक कागज़ पर सिर्फ़ साल और घटना लिखिए, पूरा चैप्टर नहीं।
स्कोर आने के बाद: चार बैंड, चार फ़ैसले
टेस्ट खत्म होते ही जो स्कोर आएगा, वह सिर्फ़ एक नंबर नहीं है। 80 सवालों पर वह आपको बताता है कि अगले सात दिन आपको कहाँ मेहनत करनी है। चार बैंड बना लीजिए।
70 से 80: आपकी बुनियाद मज़बूत है। अब नए चैप्टर पढ़ने से ज़्यादा ज़रूरी है गलत सवालों की सूची बनाना। इस बैंड में आम तौर पर गलतियाँ ज्ञान की नहीं, जल्दबाज़ी की होती हैं — सवाल ठीक पढ़ा नहीं गया या “इनमें से सभी” वाला विकल्प छूट गया।
56 से 69: आपको पता है, पर भरोसा नहीं। यही सबसे खतरनाक बैंड है, क्योंकि यहाँ बच्चा सोचता है “आता तो है” और रिवीज़न टाल देता है। इस बैंड वालों के लिए सबसे अच्छा काम है — हर गलत सवाल का सही जवाब लिखकर उसके नीचे वह चैप्टर लिखना जिससे वह आया था।
40 से 55: यहाँ दिक्कत ज्ञान से ज़्यादा क्रम की है। आपको यह तय करना है कि पहले कौन-सा विषय उठाना है। इस पेपर में भूगोल 31 सवालों के साथ सबसे बड़ा हिस्सा है, इसलिए अगर भूगोल में स्कोर कम है तो सबसे पहले वही उठाइए, नागरिक शास्त्र नहीं।
40 से कम: घबराने की ज़रूरत नहीं, पर सीधी बात सुननी पड़ेगी — पढ़ाई का क्रम गलत चल रहा है। पहले पूरा चैप्टर पढ़ने की आदत छोड़िए। एक-एक अध्याय उठाइए, उसके 20 सवाल हल कीजिए, गलतियाँ देखिए, फिर अगला अध्याय। इस तरीक़े से सात दिन में भी बड़ा फ़र्क़ दिखता है।
80 सवाल, 27 मिनट: गणित क्या कहता है
80 सवालों के लिए अगर 27 मिनट रखें, तो हर सवाल पर औसतन 20 सेकंड आते हैं। यह समय कम लगता है, पर असल में ठीक है — बशर्ते आप उसे सही तरह बाँटें।
- सवाल पढ़ने में 8 से 10 सेकंड
- चार विकल्प देखने और छाँटने में 5 से 6 सेकंड
- जवाब चुनने और अगले सवाल पर जाने में 3 से 4 सेकंड
यानी 20 सेकंड घबराने के लिए नहीं, बल्कि एक तय लय में चलने के लिए हैं। जिस सवाल में 30 सेकंड से ज़्यादा लगें, उसे छोड़कर आगे बढ़िए और अंत में लौटिए। टेस्ट में सबसे ज़्यादा नंबर वही बच्चा नहीं लेता जिसे सब आता है — सबसे ज़्यादा नंबर वह लेता है जो 80 सवालों में से 75 सवाल तक पहुँच जाता है।
2027 के पेपर के लिए इस पेपर के पाँच संकेत
पुराना पेपर सिर्फ़ अभ्यास के लिए नहीं होता। वह अगले पेपर का खाका भी बताता है। इस द्वितीय पाली से पाँच बातें साफ़ समझ आती हैं।
पहला संकेत — बिहार का हिस्सा कम नहीं होगा। 80 में से 18 सवालों में बिहार आया। यह संयोग नहीं है, यह बोर्ड का तय रुख़ है। जो बच्चा बिहार का भूगोल और अर्थव्यवस्था छोड़ता है, वह हर साल 15-18 नंबर की गाड़ी में बैठता है।
दूसरा संकेत — आपदा प्रबंधन पक्का है। 6 सवाल सीधे आपदा प्रबंधन से थे। यह अध्याय छोटा है, पढ़ने में दो दिन लगते हैं, और सवाल सीधे किताब से आते हैं। यह पूरे सिलेबस का सबसे सस्ता सौदा है।
तीसरा संकेत — एक तथ्य दो दिशाओं से पूछा जाएगा। फ्रैंकफर्ट की संधि दो बार आई, कोयला दो बार, केंद्र शासित प्रदेश दो बार। यानी रटने से काम नहीं चलेगा, तथ्य को दोनों तरफ़ से जोड़ना पड़ेगा।
चौथा संकेत — “इनमें से सभी” वाले विकल्प आते रहेंगे। 5 सवालों में यह विकल्प था। जब भी यह विकल्प दिखे, पहले दो विकल्प पढ़िए — अगर दोनों सही लगें, तो तीसरा पढ़ने से पहले ही जवाब साफ़ हो जाता है।
पाँचवाँ संकेत — यूरोप का इतिहास हल्का नहीं है। 7 सवाल यूरोप और विश्व इतिहास से थे, जो पूरे इतिहास का एक-तिहाई से ज़्यादा है। सिर्फ़ भारतीय इतिहास पढ़कर आने वाले बच्चे यहीं पिछड़ते हैं।
सात दिन का छोटा प्लान
अगर स्कोर कम आया है और कुछ तय नहीं हो रहा कि कहाँ से शुरू करें, तो यह क्रम आज़माइए।
| दिन | काम |
| पहला | बिहार का भूगोल — नक्शा, नदियाँ, मिट्टी, वन |
| दूसरा | भारत का भूगोल — कृषि, खनिज, ऊर्जा |
| तीसरा | आपदा प्रबंधन — पूरा अध्याय, 40 सवाल हल |
| चौथा | अर्थशास्त्र — राष्ट्रीय आय, मुद्रा, बैंक |
| पाँचवाँ | इतिहास — यूरोप और विश्व |
| छठा | इतिहास — स्वतंत्रता संग्राम, और नागरिक शास्त्र |
| सातवाँ | यही टेस्ट दोबारा, और सिर्फ़ गलत सवालों का रिवीज़न |
सातवें दिन का नियम सबसे ज़रूरी है। दूसरी बार टेस्ट देने से पहले पहली बार के गलत सवालों को एक बार पढ़ लीजिए। बिना पढ़े दोबारा देने से स्कोर बढ़ सकता है, पर समझ नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
इस टेस्ट में कितने सवाल हैं और कितना समय लगेगा?
कुल 80 सवाल हैं और इन्हें पूरा करने में औसतन 26 से 28 मिनट लगते हैं। कोई समय-सीमा का दबाव नहीं है, इसलिए पहली बार देते समय जल्दबाज़ी न करें।
क्या यह टेस्ट फ्री है? लॉगिन करना पड़ेगा?
पूरी तरह फ्री है। कोई फीस नहीं, कोई अकाउंट नहीं। शुरू करने से पहले सिर्फ़ नाम लिखना होता है, ताकि रिजल्ट आपके नाम से दिखे।
सही जवाब कब दिखेंगे?
टेस्ट सबमिट करते ही। स्कोर के साथ हर सवाल का सही विकल्प भी दिख जाएगा। इसीलिए ऊपर लिखा था — पहले टेस्ट दीजिए, विश्लेषण बाद में पढ़िए।
टेस्ट दोबारा दे सकते हैं?
हाँ, जितनी बार चाहें। पर दूसरी बार देने से पहले पहली बार के गलत सवाल ज़रूर देख लीजिए, वरना दोबारा देना सिर्फ़ समय गँवाना होगा।
क्या यही सवाल 2027 में भी आएँगे?
शायद हूबहू नहीं, पर बनावट वही रहेगी। इस पेपर में 18 सवालों में बिहार आया था और 7 सवाल यूरोप के इतिहास से — यही अनुपात अगले पेपर में भी लगभग बना रहता है। पैटर्न समझ लिया तो सवाल बदलने से फ़र्क़ नहीं पड़ता।
आख़िरी बात
इस पेपर का सबसे बड़ा सबक कोई एक सवाल नहीं, उसका बँटवारा है। 80 सवालों में 31 भूगोल से आए और 18 अर्थशास्त्र से। यानी आधे से ज़्यादा पेपर सिर्फ़ दो हिस्सों में है। जो बच्चा इन दोनों को बराबर समय देता है, वह पहले ही 49 सवालों की तैयारी कर लेता है। जो सिर्फ़ इतिहास पर बैठा रह जाता है, वह 20 सवालों के लिए पूरा हफ़्ता गँवा देता है।
तो आज का काम सिर्फ़ इतना है — टेस्ट दीजिए, स्कोर देखिए, और तय कीजिए कि अगले सात दिन में सबसे ज़्यादा समय किस हिस्से को देंगे। बाकी सब उसके बाद।
इसी सीरीज़ के बाकी पेपर भी देख लीजिए — SST PYQ 2021 प्रथम पाली, SST PYQ 2020 द्वितीय पाली और SST PYQ 2020 प्रथम पाली। 2027 की तैयारी के लिए सोशल साइंस के 50 महत्वपूर्ण ऑब्जेक्टिव सवाल भी हल कीजिए, और सारे टेस्ट ऑनलाइन टेस्ट सेक्शन में मिलेंगे।
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क्लास 10 · फ्री स्टडी मटेरियल
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