class 10th vidyut dhara ke chumbkiya prabhavdhara objective
एक सीधे तार में बैटरी लगाइए और उसके पास रखी कम्पास सुई देखिए। सुई अपनी जगह से हट जाएगी। तार में कुछ नहीं बदला, बस उसमें धारा बहने लगी — और चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र जन्म ले लेता है। यही छोटा-सा प्रयोग इस पूरे चैप्टर की नींव है। बिहार बोर्ड कक्षा 10 विज्ञान में यहाँ से हर साल वस्तुनिष्ठ प्रश्न आते हैं, और जो बच्चे दिशा वाले नियम पक्के कर लेते हैं, उनके नंबर यहीं से बन जाते हैं। आखिर में 53 सवालों का मुफ्त टेस्ट भी है।
धारा बहती है, तो आसपास बन जाता है चुंबकीय क्षेत्र
करीब 1820 में ओर्स्टेड ने देखा कि धारावाही तार के पास रखी चुंबकीय सुई मुड़ जाती है। मतलब सीधा है — हर धारावाही चालक अपने चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र बना लेता है। क्षेत्र की शक्ति तीन बातों पर टिकी है: धारा कितनी है, तार से दूरी कितनी है, और तार को कितनी बार मोड़ा गया है। तार से दूर जाने पर क्षेत्र कमजोर पड़ता है, धारा बढ़ाने पर मजबूत होता है।
रेखाओं का आकार भी याद रखने लायक है। सीधे तार के चारों ओर ये संकेंद्री वृत्तों की तरह होती हैं, यानी तार को केंद्र मानकर गोल घेरे।
दिशा निकालने का सबसे तेज तरीका: दायाँ हाथ का अंगूठा नियम
सवाल में पूछा हो कि क्षेत्र रेखाएँ किस ओर जा रही हैं, तो कागज-कलम छोड़िए और हाथ उठाइए। दाएँ हाथ की मुट्ठी बनाइए और अंगूठा सीधा खड़ा कीजिए। अंगूठा धारा की दिशा बताता है, मुड़ी उँगलियाँ क्षेत्र की दिशा। यही नियम सॉलेनॉइड पर लगाइए तो अंदर की रेखाएँ समानांतर और सीधी मिलेंगी — ठीक छड़ चुंबक जैसी। लोहे की कील पर तार लपेटकर बैटरी जोड़ने से विद्युत चुंबक बनता है, जो धारा बंद होते ही चुंबकत्व खो देता है।
class 10th vidyut dhara ke chumbkiya prabhavdhara objective तार पर लगने वाले बल की कहानी: फ्लेमिंग का बायाँ हाथ नियम
अब सोचिए, चुंबक के बीच रखे तार में धारा भेजी जाए तो क्या होगा? तार धक्का खाकर हिलने लगेगा। बल की दिशा के लिए बाएँ हाथ की तीन उँगलियाँ फैलाइए — अंगूठा बल, तर्जनी क्षेत्र और मध्यमा धारा। तीनों को एक-दूसरे के लंबवत रखना जरूरी है। यही सिद्धांत विद्युत मोटर का आधार है, जहाँ कम्युटेटर कुंडली की दिशा बदलता रहता है ताकि घूर्णन लगातार चले।
चुंबक हिले, धारा पैदा हुई: विद्युत प्रेरण
उलटा खेल भी होता है। कुंडली के अंदर चुंबक को आगे-पीछे करने पर गैल्वेनोमीटर की सुई विक्षेपित होती है — बिना बैटरी के धारा बहने लगती है। इसे विद्युत प्रेरण कहते हैं और इसकी दिशा फ्लेमिंग के दायें हाथ के नियम से निकलती है। चुंबक और कुंडली के बीच सापेक्ष गति रुकते ही धारा भी रुक जाती है। इसी सिद्धांत से जनित्र बनते हैं; कुंडली घूमती रहती है, इसलिए धारा की दिशा हर आधे चक्कर में बदलती है — यही प्रत्यावर्ती धारा है।
परीक्षा में बार-बार दोहराए जाने वाले बिंदु
| विषय | याद रखने वाली बात |
| चुंबकीय क्षेत्र की इकाई | टेस्ला; रेखाओं की संख्या से तीव्रता पता चलती है |
| सॉलेनॉइड | अंदर क्षेत्र एकसमान, बाहर छड़ चुंबक जैसा |
| विद्युत मोटर | विद्युत ऊर्जा से यांत्रिक ऊर्जा |
| जनित्र | यांत्रिक ऊर्जा से विद्युत ऊर्जा, सिद्धांत प्रेरण |
| फ्यूज | कम गलनांक वाला तार, अधिक धारा पर पिघलकर बचाता है |
53 सवालों का टेस्ट — पहले खुद को परखिए
किताब बंद कीजिए। नीचे इसी अध्याय के 53 चुने हुए वस्तुनिष्ठ प्रश्न हैं। हर सवाल के चार विकल्प हैं और जवाब देते ही स्कोर सामने आ जाएगा। शुरू करने से पहले अपना नाम लिख दीजिए, ताकि रिजल्ट में आपका ही नाम दिखे।
टेस्ट के बाद ये तीन काम जरूर कीजिए
- जो सवाल गलत हुए, उनका पूरा हिस्सा किताब से दोबारा पढ़िए, सिर्फ जवाब नहीं।
- दिशा वाले नियम हाथ से एक बार दोहराइए — हाथ की आदत कागज से ज्यादा काम आती है।
- तीसरे दिन वही टेस्ट फिर दीजिए; दो बार में स्कोर साफ ऊपर उठेगा।
इन विषयों पर भी एक नजर
- बिहार बोर्ड 10वीं में 90%+ लाने का तरीका — पहले पूरा सिलेबस एक बार पढ़िए, फिर सिर्फ कमजोर चैप्टर पर समय दीजिए। हर हफ्ते एक मॉक टेस्ट और गलतियों की सूची बनाइए।
- BSEB 10th Math की तैयारी — गणित में सूत्र रटने से ज्यादा अभ्यास मायने रखता है; जिन चैप्टर्स से हर साल सवाल आते हैं, उन्हें कभी न छोड़िए।
- कॉपी कैसे लिखें कि पूरे नंबर मिलें — जवाब में पहले परिभाषा, फिर सूत्र, फिर उदाहरण। मुख्य शब्द रेखांकित कीजिए और लिखावट साफ रखिए।
- आखिरी महीने का रिवीजन — नया टॉपिक नहीं, सिर्फ दोहराव। पुराने टेस्ट के गलत सवालों से बनी सूची सबसे अच्छी रिवीजन सामग्री होती है।
- साइंस के डायग्राम और रिएक्शन याद रखने की ट्रिक — डायग्राम नाम के साथ तीन बार हाथ से बनाइए; रिएक्शन छोटे कार्ड पर लिखकर रोज एक बार देखिए।
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छोटा सार
धारा से चुंबकीय क्षेत्र बनता है, बदलता क्षेत्र धारा पैदा करता है — यही दो-तरफा रिश्ता इस चैप्टर का सार है। तीन नियम, एक सॉलेनॉइड, एक मोटर और एक जनित्र पक्का कर लीजिए, बाकी सवाल अपने आप सही होंगे।
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