sst pyq 2022 dwitiya pali 77 questions
SST PYQ 2022 द्वितीय पाली: 77 सवालों का फ्री ऑनलाइन टेस्ट
77 सवाल। इनमें 31 अकेले भूगोल के। और 8 ऐसे जिनमें बिहार का नाम सीधे सवाल के अंदर आता है। बिहार बोर्ड क्लास 10 सामाजिक विज्ञान 2022 द्वितीय पाली का पेपर पहली नज़र में भूगोल का पेपर लगता है। दूसरी नज़र में थोड़ा और मिलता है।
मैंने 77 सवालों को एक-एक करके चार ढेरों में अलग बैठाया। सबसे बड़ी बात भूगोल नहीं, इतिहास निकली। 2021 की द्वितीय पाली में इतिहास 20 सवालों पर था, इस बार 16 पर आ गया। उसकी जगह अर्थशास्त्र 18 से बढ़कर 20 पर पहुँच गया। पेपर का रंग वही है, ज़ोर खिसक गया है।
| कुल सवाल | 77 |
| विषय का बँटवारा | भूगोल 31, अर्थशास्त्र 20, इतिहास 16, नागरिक शास्त्र 10 |
| बिहार का सीधा ज़िक्र | 8 सवाल |
| जिनका जवाब सिर्फ़ एक साल है | 13 सवाल |
| सुझाया समय | 24 से 26 मिनट |
| खर्च और लॉगिन | मुफ़्त, सिर्फ़ नाम लिखना है |
यहाँ से टेस्ट शुरू कीजिए
एक पर्ची पर 1 से 77 तक नंबर लिख लीजिए। जिस सवाल में दो विकल्पों के बीच फँसें, उसका नंबर काट दीजिए। टेस्ट के बाद आपकी रिवीज़न लिस्ट यही कटे नंबर होंगे।
स्कोर खत्म होते ही दिख जाएगा। नीचे दिया विश्लेषण उसके बाद पढ़िए।
77 सवालों का ढाँचा: 31-20-16-10
भूगोल दोनों पालियों में 31 पर रुका। इतिहास 20 से 16 पर आया, अर्थशास्त्र 18 से 20 तक चढ़ा, नागरिक शास्त्र 11 से 10 पर फिसला।
यह पाँच नंबर का खेल है, पर मतलब साफ़ है — पेपर बनाने वाले ने अर्थशास्त्र को ज़्यादा जगह दी। जो बच्चा उसे “आख़िर में देख लेंगे” वाली सूची में डालता है, उसके 20 सवाल सामने खड़े मिलेंगे।
सवाल मिले-जुले हैं। “पहले भूगोल, फिर इतिहास” वाली रणनीति यहाँ नहीं चलेगी।
भूगोल 31: पानी, खनिज और आपदा
सबसे बड़ा ढेर पानी का है — सबसे बड़ा मानव-निर्मित जलाशय, सर्वाधिक बाढ़ प्रभावित देश, पहला जल विद्युत संयंत्र, बिहार की प्राचीनतम नदी घाटी परियोजना, और “बिहार का शोक”। पाँच सवाल सिर्फ़ पानी से।
दूसरा ढेर खनिजों का — बॉक्साइट, अल्यूमिनियम, कार्बनिक खनिज, कोयले के दो सवाल। तीसरा परिवहन का — उत्तर रेलवे का मुख्यालय, वायु परिवहन का राष्ट्रीयकरण, और वह राज्य जो रेल मार्ग से नहीं जुड़ा।
नक्शे से पूरे पेपर में सिर्फ़ एक सवाल — नीले रंग वाला। नक्शा रटने वालों की मेहनत का बड़ा हिस्सा यहाँ बेकार गया।
अर्थशास्त्र 20 तक कैसे पहुँचा
सबसे मोटा हिस्सा पैसा और बैंकिंग का है — छह सवाल। रिजर्व बैंक की स्थापना, ग्रामीण विकास के लिए पुनर्वित्त देने वाली शीर्ष संस्था, ग्रामीण बैंक के संस्थापक, सहकारी साख समिति कानून, स्वीडन की मुद्रा, और सोने की शुद्धता वाला चिह्न। बैंकिंग छोड़ा, तो सीधे छह नंबर वहीं रह गए।
दूसरा हिस्सा ढाँचे का — प्राथमिक क्षेत्र, सकल घरेलू उत्पाद में सबसे बड़ा योगदान। तीसरा योजना और गरीबी का — गरीबी का कुचक्र, मानव विकास रिपोर्ट, नीति आयोग, मनरेगा। और चौथा वह हिस्सा जो सबसे आख़िर में छूटता है — उपभोक्ता अधिनियम और हॉलमार्क।
इतिहास 16: यूरोप भारी पड़ा
भारत का राष्ट्रीय आंदोलन सिर्फ़ चार सवालों में सिमट गया — सविनय अवज्ञा के समय का वायसराय, चौरी-चौरा, सीमांत गांधी, और मोपला विद्रोह। बाकी बारह विश्व इतिहास के थे।
अंगकोरवाट, मुद्रण कला, पहली पेपर मिल, ’95 थीसिस’, मिरात-उल अखबार, जेनेवा संधि, पहला समाजवादी देश, वियतनाम का एकीकरण, काउंट कावूर, सिंगापुर।
जो बच्चा सिर्फ़ गांधी और असहयोग पर अटका रहता है, वह आधे इतिहास से वंचित रह जाता है।
नागरिक शास्त्र 10: संस्थाओं का पेपर
सबसे छोटा हिस्सा, पर सबसे साफ़ मिज़ाज। यहाँ सिद्धांत नहीं, संस्थाएँ पूछी गई हैं — संवैधानिक अध्यक्ष, राज्य वित्त आयोग, पंचायतों में महिला आरक्षण, बिहार का पहला नगर निगम, सूचना का अधिकार, और वह दल जो राष्ट्रीय नहीं है।
मूल अधिकार, मूल कर्तव्य और चुनाव आयोग से एक भी सवाल नहीं। इसका मतलब यह नहीं कि अगली बार नहीं आएगा — इस पाली ने बस संस्थाओं को चुना।
13 सवाल जिनका जवाब सिर्फ़ एक साल है
मुद्रण कला, रेडियो का नाम बदलना, सूचना का अधिकार, रिजर्व बैंक, वायु परिवहन का राष्ट्रीयकरण, जेनेवा संधि, चौरी-चौरा, वियतनाम, सिंगापुर, मनरेगा, विश्व व्यापार संगठन, नीति आयोग, उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम।
यह पेपर का छठा हिस्सा है। तैयार करना आसान भी, मुश्किल भी — इसमें समझ नहीं, क्रम चाहिए।
साल को अकेला मत रटिए, घटना से जोड़िए — “1922 में चौरी-चौरा”, “1930 में सविनय अवज्ञा”। कहानी से जुड़ा साल भूलता नहीं।
8 सवाल जिनमें बिहार सीधे आता है
तापीय विद्युत परियोजना, पहला नगर निगम, छात्र आन्दोलन, वनों से आच्छादित क्षेत्र, अति जल दोहन से बढ़ा तत्व, सर्वाधिक जनसंख्या घनत्व वाला जिला, प्राचीनतम नदी घाटी परियोजना, और “बिहार का शोक”।
ये सवाल इतिहास से लेकर भूगोल, अर्थव्यवस्था और प्रशासन तक फैले हैं। किसी एक चैप्टर में नहीं मिलेंगे — इसीलिए ये आठ नंबर सबसे ज़्यादा छूटते हैं।
स्कोर के बाद: चार बैंड, चार फ़ैसले
60 से ऊपर: बेस मज़बूत है। नया चैप्टर नहीं, पुराना भूलने से रोकिए।
45 से 59: नंबर कहीं लीक हो रहे हैं। कटी संख्याएँ देखिए — ज़्यादातर साल वाले सवालों में हों तो उनका अलग कॉलम बनाइए।
30 से 44: दिक्कत बँटवारे में है। भूगोल छोड़कर बाकी तीन विषय पूरे दोहराइए।
30 से नीचे: टेस्ट दोबारा दीजिए, बिना जल्दबाजी। पहले सही होना सीखिए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या सवाल असली पेपर के हैं?
हाँ, उसी पेपर से, उसी क्रम और विकल्पों में। सिर्फ़ वर्तनी साफ़ की गई है।
कितना समय लगना चाहिए?
24 से 26 मिनट। यही रफ़्तार बोर्ड के पेपर में काम आएगी।
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आख़िरी बात
सबसे बड़ा सबक यह नहीं कि कौन-सा विषय बड़ा है। सबक यह है कि बँटवारा हर साल थोड़ा बदलता है। जो पिछले साल के बँटवारे को इस साल का नक्शा मान लेता है, वह चार-पाँच नंबर वहीं गँवा देता है।
यह टेस्ट सिर्फ़ स्कोर के लिए मत दीजिए। कटी संख्याएँ असली रिपोर्ट हैं। बाकी पेपर भी ऐसे ही हल कीजिए — SST PYQ 2021 द्वितीय पाली और SST PYQ 2021 प्रथम पाली से।
क्लास 10 · फ्री स्टडी मटेरियल
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