sst pyq 2020 pratham pali 48 questions
Bihar Board SST PYQ 2020 प्रथम पाली: 48 सवाल, 23 भूगोल के
आशु सर · AskClass · अपडेट: 6 नवंबर 2026
2020 की पहली पाली का सोशल साइंस पेपर खोलते ही जो पहला एहसास होता है, वह भरोसा दिलाता है — सवाल जाने-पहचाने हैं। इतिहास, भूगोल, नागरिक शास्त्र, अर्थशास्त्र; सब कुछ वही जो किताब में पढ़ा था। असली परीक्षा अगले दो मिनट में शुरू होती है, जब चारों विकल्प पढ़ने बैठते हैं।
इस पेपर में कुल 48 सवाल थे। इनमें 23 अकेले भूगोल से आए थे। यानी हर दूसरा सवाल नक्शे, संसाधन, उद्योग या आपदा से जुड़ा था। जो बच्चा इतिहास की तारीख़ों को ज़्यादा समय देकर आया, उसका हिसाब यहीं बिगड़ा — पढ़ाई कम नहीं थी, हिस्सों का बँटवारा गड़बड़ था।
नीचे उसी पेपर के ढाँचे पर बना टेस्ट है। 48 सवाल, हिंदी में, बोर्ड की शब्दावली में। टेस्ट पूरा होते ही स्कोर और हर सवाल का सही जवाब सामने आ जाता है। शुरू करने से पहले कागज़-पेन रख लीजिए और जो सवाल अटके, उनके नंबर लिखते चलिए। बाद में यही सूची आपका असली रिवीज़न प्लान बनेगी।
| कुल सवाल | 48 |
| भूगोल | 23 सवाल — सबसे बड़ा हिस्सा |
| नागरिक शास्त्र | 12 सवाल |
| इतिहास | 9 सवाल |
| अर्थशास्त्र | 4 सवाल |
| सुझाया समय | 12 से 14 मिनट |
| भाषा | हिंदी |
| फीस / लॉगिन | मुफ़्त, सिर्फ़ नाम लिखना है |
एक बात पहले ही साफ़ कर दूँ। इस टेस्ट में ईमेल या अकाउंट नहीं माँगा जाता। नाम लिखिए, स्टार्ट दबाइए और सवाल आने शुरू हो जाएँगे।
यहाँ से टेस्ट शुरू कीजिए
सवाल क्रम में हैं — हर सवाल एक नंबर, चार विकल्प। जल्दबाज़ी में पहला विकल्प पढ़कर निशान मत लगाइए; इस पेपर का सबसे बड़ा जाल यही है।
भूगोल के 23 सवाल: एक ही अध्याय से छह
सबसे पहले वह हिस्सा देखिए जिसने इस पेपर का रुख तय किया। आपदा प्रबंधन और भूकंप वाले सवाल अलग-अलग नहीं थे — वे एक ही सिलसिले में आए थे। सवाल 15, 16, 25, 26, 27 और 28, छहों का ताना-बाना एक ही है।
सवाल 15 पूछता है सुनामी का प्रमुख कारण। सवाल 26 उसी बात को दूसरे शब्दों में — महासागर तल का कंपन। सवाल 27 में भूकंप-तरंगों का क्रम आता है, और सवाल 28 में सुनामी का सम्बंध सीधे समुद्र से जोड़ना होता है। यानी एक अवधारणा, चार अलग चेहरे। जिसने “भूकंप से समुद्र हिलता है, समुद्र से सुनामी” वाली मूल बात पकड़ ली, उसके चार नंबर अपने आप बन गए।
बाकी दो सवाल — सुखाड़ और भूस्खलन — श्रेणी पूछते हैं, कारण नहीं। दोनों का जवाब “प्राकृतिक आपदा” है। यहाँ बच्चे अक्सर विस्तार में उलझकर “मानवजनित” या “जलवायु परिवर्तन” जैसा कोई विकल्प भर देते हैं, जबकि सवाल सिर्फ़ यह पूछ रहा है कि यह किस तरह की घटना है।
बिहार के नाम अलग से पूछे गए
पूरे पेपर में पाँच सवाल सीधे बिहार से जुड़े थे, और यही वे सवाल हैं जिन्हें बाहर के पेपर पढ़कर छोड़ दिया जाता है। सवाल 3 में संपूर्ण क्रांति का नेतृत्व — जयप्रकाश नारायण। सवाल 7 में पिछड़ा राज्य — बिहार। सवाल 13 में कांटी तापीय परियोजना — मुजफ्फरपुर। सवाल 14 में रेल वर्कशॉप — जमालपुर। और सवाल 40 में गंडक परियोजना — वाल्मीकिनगर।
इन पाँच में से तीन ऐसे हैं जो राज्य के नक्शे से सीधे जुड़े हैं। जिन्होंने बिहार का नक्शा एक बार ठीक से देखा है, उनके लिए ये सवाल सेकंड में निकल जाते हैं। जिन्होंने सिर्फ़ किताब के बॉक्स रटे हैं, वे यहीं अटकते हैं।
उद्योग, खनिज और परियोजना: नाम याद, जगह नहीं
भूगोल का दूसरा समूह संसाधन और उद्योग का है। सवाल 20 में सीमेंट का कच्चा माल — चूना पत्थर। सवाल 32 में कोयला — अनवीकरणीय संसाधन। सवाल 37 में कोयले का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य — छत्तीसगढ़। सवाल 38 में पहला लौह-इस्पात उद्योग — टाटा आयरन एंड स्टील कंपनी। सवाल 43 में राउरकेला — ओडिशा। सवाल 39 में स्वर्णिम चतुर्भुज — सड़क मार्ग।
ध्यान दीजिए, इनमें से कोई भी सवाल “क्या है” नहीं पूछता। सब “कहाँ” और “कौन-सा” पूछते हैं। यही 2020 की पहली पाली की ख़ासियत थी — परिभाषा कम, जगह और नाम ज़्यादा। तैयारी करते समय अगर आपने हर उद्योग के साथ राज्य और शहर लिखा है, तो यह हिस्सा आपका है।
दो सवाल ऐसे हैं जो भूगोल और अर्थशास्त्र, दोनों की सीमा पर बैठे हैं। सवाल 8 में वित्तीय वर्ष — 1 अप्रैल से 31 मार्च। सवाल 36 में भारत की वित्तीय राजधानी — मुंबई। दोनों ऐसे सवाल हैं जिन्हें देखकर लगता है कि यह दूसरे विषय का है, और इसीलिए छोड़ दिए जाते हैं।
इतिहास के 9 सवाल, और उनमें छिपा एक सूत्र
इतिहास का हिस्सा छोटा था, पर बिखरा हुआ नहीं। सवाल 9 से 12 और 21, 22, 41, 42, 44 — इनमें से ज़्यादातर यूरोप के उस दौर से आए जहाँ राष्ट्र-राज्य बन रहे थे और विचार बदल रहे थे।
सवाल 9 में काउंट कावूर का पद — प्रधानमंत्री। सवाल 10 में रक्त और लौह की नीति — बिस्मार्क। सवाल 11 में साम्यवादी शासन का पहला प्रयोग — रूस। सवाल 12 में बोल्शेविक क्रांति — नवंबर 1917। सवाल 21 में द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद यूरोप की आर्थिक मरम्मत — यूरोपीय संघ। सवाल 22 में छपाई को लेकर मार्टिन लूथर का कथन।
इन छह सवालों को अलग-अलग रटने की ज़रूरत नहीं। एक क्रम बना लीजिए — धर्म सुधार, राष्ट्रवाद, एकीकरण, क्रांति, युद्ध, संघ। इस क्रम में हर नाम अपनी जगह बैठ जाता है। जो बच्चे साल अलग-अलग याद करते हैं, वे 1917 और 1930 को मिला देते हैं।
भारत से जुड़े दो सवाल सीधे आंदोलन के थे। सवाल 42 में सविनय अवज्ञा आंदोलन का साल — 1930। सवाल 41 में हिंद-चीन पहुँचने वाले पहले व्यापारी — पुर्तगाली। सवाल 44 में सामंती व्यवस्था से हटकर उभरी शहरी प्रवृत्ति — प्रगतिशील प्रवृत्ति, जो थोड़ा अलग ढंग का सवाल है और इसीलिए छूट जाता है।
नागरिक शास्त्र के 12 सवाल: दो शब्द, बार-बार
नागरिक शास्त्र में दो शब्द लौट-लौटकर आए — संघ और लोकतंत्र। सवाल 1 और 2 दोनों संघ से जुड़े हैं। एक पूछता है कि संघ राज्य की विशेषता क्या नहीं है, दूसरा संघ सरकार का उदाहरण माँगता है — अमेरिका।
लोकतंत्र वाले सवाल 4, 29 और 30 एक ही तर्क के तीन कोण हैं। लोकतंत्र की सफलता किस पर टिकी है, कौन-सी बात उसके अनुरूप नहीं है, और लोकतांत्रिक व्यवस्था ने किस मुद्दे पर सफलता पाई है। तीनों का जवाब “बहुमत और अल्पमत का बर्ताव” वाली ज़मीन से निकलता है।
बाकी सवाल अलग-अलग अध्यायों से हैं। सवाल 23 में मतदाता की न्यूनतम उम्र — 18 वर्ष। सवाल 24 में भारत की शासन प्रणाली — संघीय और संसदीय, दोनों। सवाल 31 में क्षेत्रवाद का कुपरिणाम — अलगाववाद। सवाल 33 में उपभोक्ता अधिकार दिवस — 15 मार्च। सवाल 35 में गैर-सरकारी सेवा — मॉल सेवा। और सवाल 48 में उपभोक्ता शिकायत का आवेदन शुल्क — 10 रुपये।
सवाल 3 दोनों तरफ़ से जुड़ता है — विषय नागरिक शास्त्र का, और ज़मीन बिहार की। संपूर्ण क्रांति का नेतृत्व जयप्रकाश नारायण ने किया, यह जवाब उन बच्चों के लिए आसान है जिन्होंने राज्य का इतिहास पढ़ा है।
अर्थशास्त्र के चार सवाल, पर तीन अलग विचार
सबसे छोटा हिस्सा अर्थशास्त्र का था। सवाल 34 में वैश्वीकरण के मुख्य अंग — चार। सवाल 45 में दीर्घकालीन ऋण देने वाली संस्था — भूमि विकास बैंक। सवाल 46 में आर्थिक विकास का तीसरा क्षेत्र — सेवा क्षेत्र। सवाल 47 में नई आर्थिक नीति में क्या-क्या शामिल हुआ — सभी।
यह हिस्सा छोटा है, इसलिए इसे छोड़ने का मन करता है। पर चार सवाल यहाँ से आ रहे हैं, और चारों सीधे किताब की परिभाषा से बनते हैं। यानी यहाँ एक भी नंबर छोड़ना सबसे आसान है — और सबसे महँगा भी।
पाँच सवाल जहाँ सबसे ज़्यादा बच्चे फँसते हैं
पूरे पेपर में कुछ सवाल ऐसे हैं जिनका जवाब पता होने के बाद भी ग़लत भरा जाता है। वजह सवाल नहीं, पढ़ने की जल्दी है।
- सवाल 1 — “विशेषता नहीं है” वाला जाल। विकल्प B में शक्तियों का विभाजन है, जो संघ की असली विशेषता है। विकल्प D में सर्वोच्च न्यायपालिका, वह भी विशेषता है। सवाल उलटा पूछ रहा है, इसलिए जवाब C — इकहरी शासन व्यवस्था। जो बच्चे “नहीं” शब्द नहीं पढ़ते, वे B भर देते हैं।
- सवाल 27 — पहले कौन पहुँचती है। जवाब पी तरंग है। लोग एस तरंग भर देते हैं क्योंकि वह ज़्यादा नुकसान करती है। नुकसान और पहुँचना, दो अलग बातें हैं।
- सवाल 34 — गिनती का फेर। वैश्वीकरण के मुख्य अंग चार हैं। जो तीन गिनकर विकल्प भरते हैं, वे यहाँ एक नंबर खोते हैं।
- सवाल 45 — बैंक का नाम। दीर्घकालीन ऋण भूमि विकास बैंक देता है, व्यापारिक बैंक नहीं। नाबार्ड का नाम सुनकर उसे भर देना सबसे आम गलती है।
- सवाल 48 — शून्य या दस। उपभोक्ता फोरम में शिकायत का शुल्क 10 रुपये है। “मुफ़्त” मान लेना या सौ रुपये भर देना, दोनों ग़लत हैं।
इन पाँच में एक चीज़ कॉमन है। किसी में भी ज्ञान की कमी नहीं है। चारों में जो ग़लती होती है, वह सवाल को दोबारा पढ़ने से बच जाती है। इसीलिए टेस्ट देते समय हर सवाल पर दो सेकंड रुकना आदत बना लीजिए, ख़ासकर जहाँ “नहीं”, “केवल” या “सबसे” लिखा हो।
स्कोर आने के बाद: चार बैंड, चार फ़ैसले
रिजल्ट देखकर सबसे बेकार काम यह है कि आप सिर्फ़ नंबर देखकर आगे बढ़ जाएँ। 48 में से कितने सही हुए, यह पहला सवाल है; कौन-से सवाल ग़लत हुए, यह असली सवाल है।
| स्कोर | इसका मतलब | अगला कदम |
|---|---|---|
| 42 से 48 | बेस मज़बूत, रफ़्तार ठीक | अब दूसरे साल का पेपर उसी समय में कीजिए; यहीं रुकना नुकसान है |
| 32 से 41 | पढ़ा है, पर सवाल में लागू नहीं हो रहा | ग़लत सवालों की सूची बनाइए और तीन दिन सिर्फ़ उन्हीं पर काम कीजिए |
| 22 से 31 | कुछ अध्याय पढ़े ही नहीं गए | जिन अध्यायों से सवाल ग़लत हुए, पहले वही पढ़िए; पूरा सिलेबस दोबारा मत छापिए |
| 21 से नीचे | टेस्ट देने का समय अभी नहीं आया | दो अध्याय पढ़िए, फिर वही टेस्ट दोबारा दीजिए; पहले समझ, बाद में रफ़्तार |
कम स्कोर का सीधा अर्थ यह नहीं कि आप कमज़ोर हैं। इसका अर्थ यह है कि टेस्ट ने वे जगहें दिखा दी हैं जो अभी ढँकी नहीं थीं। यही तो टेस्ट का काम है — नंबर देकर शर्मिंदा करना नहीं, जगह बता देना।
48 सवाल, 12 मिनट: गणित क्या कहता है
अगर आप 12 मिनट रखते हैं, तो कुल 720 सेकंड मिलते हैं। 48 सवालों में बाँटिए तो हर सवाल पर लगभग 15 सेकंड। यह कम लगता है, पर वास्तव में इतना ही चाहिए — बशर्ते आप पहले सवाल पर 40 सेकंड न बिताएँ।
इसलिए टेस्ट को एक बार में पूरा करने की ज़िद मत कीजिए। तीन दौर में कीजिए। पहला दौर — आठ मिनट, सिर्फ़ वे सवाल जो पहली नज़र में साफ़ हैं। जो अटके, उन पर निशान लगाकर आगे बढ़ जाइए, क्योंकि आगे का सवाल आसान हो सकता है और उसका नंबर आपका इंतज़ार कर रहा है।
दूसरा दौर — तीन मिनट, सिर्फ़ निशान वाले सवाल। अब आपका दिमाग़ पूरे पेपर से वाकिफ़ है, इसलिए वही सवाल अचानक आसान लगते हैं। यह छोटी-सी बात असली पेपर में तीन से पाँच नंबर का फ़र्क़ डालती है।
तीसरा दौर — आख़िरी एक मिनट, सिर्फ़ जाँच। देखिए कि कहीं दो सवालों का जवाब एक ही जगह तो नहीं भर गया, या कोई सवाल खाली तो नहीं छूटा। इस एक मिनट में जो ग़लती पकड़ी जाती है, वह पूरे टेस्ट में सबसे सस्ती होती है।
यही तीन-दौर वाला तरीक़ा बोर्ड के पेपर में भी चलता है, जहाँ 48 सवालों के लिए पूरा घंटा मिलता है। फ़र्क़ सिर्फ़ समय का है, तरीक़ा वही रहता है।
भूगोल में अंक कहाँ से आते हैं
भूगोल के 23 सवालों को तीन तरह से पढ़ा जा सकता है। पहला — आपदा और भूकंप, जिनका जवाब कारण और क्रम से बनता है। दूसरा — संसाधन, जहाँ हर चीज़ के आगे “नवीकरणीय या नहीं” लिखना पड़ता है। तीसरा — उद्योग और परियोजना, जहाँ नाम के साथ जगह जोड़नी पड़ती है।
तीनों का तरीक़ा अलग है, और यही बात ज़्यादातर बच्चे मिला देते हैं। वे एक ही तरह से सब कुछ रटते हैं और फिर सवाल के पूछने का ढंग बदलते ही अटक जाते हैं। अगर आपने हर सवाल के आगे यह लिखा है कि वह किस तरह का सवाल है, तो आधा काम वहीं हो गया।
इस पेपर से 2027 के लिए छह संकेत
पुराना पेपर सिर्फ़ अभ्यास का ज़रिया नहीं है। वह यह भी बताता है कि पेपर बनाने वाला किस चीज़ को ज़रूरी मानता है। 2020 की पहली पाली से छह बातें साफ़ दिखती हैं।
- भूगोल को हल्के में मत लीजिए। 48 में 23 सवाल। यानी लगभग आधा पेपर। जो बच्चा भूगोल को “पढ़ लेंगे” कहकर छोड़ता है, वह आधा पेपर पहले ही हार जाता है।
- आपदा अध्याय हर साल लौटता है। भूकंप, सुनामी, सुखाड़, भूस्खलन — चारों एक ही अध्याय से। इस अध्याय को परिभाषा से नहीं, कारण और क्रम से पढ़िए।
- बिहार का नक्शा अलग से तैयार कीजिए। परियोजना, कारखाना, रेल वर्कशॉप, आंदोलन — राज्य से जुड़े नाम पूछे जाते हैं, और यही सबसे आसान नंबर हैं।
- उद्योग के साथ जगह लिखिए। सीमेंट, कोयला, लोहा-इस्पात, राउरकेला, स्वर्णिम चतुर्भुज। हर नाम के आगे राज्य और शहर लिखने की आदत बना लीजिए।
- “नहीं” और “केवल” को घेरिए। इस पेपर में कम-से-कम तीन सवाल उलटे ढंग से पूछे गए थे। जवाब पता होने पर भी यही शब्द नंबर काटते हैं।
- परिभाषा से ज़्यादा जोड़ी याद कीजिए। 2020 का पेपर सीधा था — लंबे कथन नहीं, सीधे तथ्य। ऐसे पेपर में वही बच्चा आगे निकलता है जिसने तथ्यों को जोड़ी में याद किया है, अलग-अलग नहीं।
सात दिन का छोटा प्लान
टेस्ट देने के बाद अगर सिर्फ़ अगला टेस्ट ढूँढ़ते रहेंगे, तो यह पेपर छूट जाएगा। सात दिन का यह क्रम इसी पेपर को पूरा निचोड़ लेता है।
| दिन | काम | समय |
|---|---|---|
| दिन 1 | ग़लत सवालों की सूची बनाइए और हर सवाल के आगे कारण लिखिए — पता नहीं था, या पढ़ने में ग़लती हुई | 30 मिनट |
| दिन 2 | आपदा प्रबंधन — भूकंप तरंगें, सुनामी, सुखाड़, भूस्खलन एक साथ पढ़िए | 40 मिनट |
| दिन 3 | संसाधन और उद्योग — हर उद्योग के आगे राज्य, शहर और कच्चा माल | 40 मिनट |
| दिन 4 | नागरिक शास्त्र — संघ, लोकतंत्र और उपभोक्ता अधिकार, तीनों के सवाल दोबारा | 30 मिनट |
| दिन 5 | इतिहास की टाइमलाइन — 1517 से 1947 तक एक कागज़ पर | 30 मिनट |
| दिन 6 | अर्थशास्त्र के चारों सवाल और उनकी परिभाषाएँ | 20 मिनट |
| दिन 7 | वही टेस्ट दोबारा, लेकिन इस बार 12 मिनट में | 15 मिनट |
48 सवालों का उत्तर-पत्रक
टेस्ट के बाद मिलान के लिए नीचे पूरा उत्तर-पत्रक है। जिन सवालों पर दोबारा सोचना हो, उनका नंबर इस तालिका से देखकर ऊपर टेस्ट में लौटिए।
| प्रश्न | उत्तर | प्रश्न | उत्तर |
|---|---|---|---|
| 1 | C — इकहरी शासन व्यवस्था | 25 | A — प्राकृतिक आपदा |
| 2 | A — अमेरिका | 26 | C — सुनामी |
| 3 | D — जयप्रकाश नारायण | 27 | A — पी तरंग |
| 4 | C — बहुमत और अल्पमत के साथ समान व्यवहार | 28 | B — समुद्र से |
| 5 | C — संसाधनों की खोज | 29 | D — बहुसंख्यकों का शासन |
| 6 | A — देहरादून | 30 | C — नागरिकों की विवेकपूर्ण सहभागिता |
| 7 | C — बिहार | 31 | D — अलगाववाद |
| 8 | C — 1 अप्रैल – 31 मार्च | 32 | A — अनवीकरणीय संसाधन |
| 9 | C — प्रधानमंत्री | 33 | B — 15 मार्च |
| 10 | C — बिस्मार्क | 34 | D — चार |
| 11 | A — रूस | 35 | C — मॉल सेवा |
| 12 | B — नवंबर 1917 | 36 | A — मुंबई |
| 13 | C — मुजफ्फरपुर | 37 | D — छत्तीसगढ़ |
| 14 | A — जमालपुर | 38 | B — टाटा लौह-इस्पात (TISCO) |
| 15 | A — समुद्र में भूकंप | 39 | B — सड़क मार्ग |
| 16 | A — प्राकृतिक आपदा | 40 | B — वाल्मीकिनगर |
| 17 | D — अधिक सिंचाई | 41 | C — पुर्तगाली |
| 18 | D — 70% | 42 | B — 1930 |
| 19 | B — डॉल्फिन | 43 | A — ओडिशा में |
| 20 | A — चूना पत्थर | 44 | A — प्रगतिशील प्रवृत्ति |
| 21 | D — यूरोपीय संघ | 45 | B — भूमि विकास बैंक |
| 22 | B — मार्टिन लूथर | 46 | D — सेवा क्षेत्र |
| 23 | C — 18 वर्ष | 47 | D — इनमें से सभी |
| 24 | B — संघीय और संसदीय | 48 | C — 10 रुपये |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या यह टेस्ट 2027 की बोर्ड परीक्षा के लिए भी काम आएगा?
हाँ। सिलेबस और किताबें वही हैं, सिर्फ़ साल बदला है। 2020 के सवाल जिन अध्यायों से आए थे, वे अध्याय आज भी पाठ्यक्रम में हैं। टेस्ट का मक़सद साल रटना नहीं, सवालों का ढाँचा पहचानना है।
इस टेस्ट के सवाल कहाँ से लिए गए हैं?
2020 की पहली पाली के सोशल साइंस पेपर के ढाँचे पर। 48 सवाल, वही विषय-विभाजन और वही कठिनाई का स्तर। भाषा बोर्ड के पेपर जैसी रखी गई है, ताकि पढ़ते समय अलग शब्दावली की आदत न पड़े।
कितना समय लेना चाहिए?
पहली बार 14 मिनट रखिए। दोबारा दे रहे हैं तो 12 मिनट का लक्ष्य रखिए। बोर्ड में हर सवाल के लिए अलग घंटी नहीं बजती, इसलिए घड़ी देखकर बैठना अभ्यास का हिस्सा है।
मोबाइल पर चलेगा?
चलेगा। टेस्ट मोबाइल, टैबलेट और लैपटॉप, तीनों पर एक जैसा खुलता है। सवाल पढ़ने में आँख कम थके, इसके लिए फ़ॉन्ट बड़ा रखा गया है।
क्या टेस्ट दोबारा दिया जा सकता है?
जितनी बार चाहें। पहली बार में जो स्कोर आए, उसे लिख लीजिए। दूसरी बार उसी स्कोर से तुलना कीजिए — सुधार दिखेगा, तो तैयारी सही दिशा में है।
नाम देना ज़रूरी है क्या?
सिर्फ़ नाम। ईमेल, फ़ोन या अकाउंट नहीं माँगा जाता। नाम इसलिए लिया जाता है ताकि रिजल्ट आपके नाम से दिखे।
इसी सीरीज़ के अगले पेपर
एक ही साल के दोनों पाली वाले पेपर साथ कीजिए। दोनों का ढाँचा अलग होता है और यही अंतर असली परीक्षा में काम आता है।
- SST PYQ 2019 प्रथम पाली — 40 सवालों का टेस्ट
- SST PYQ 2019 द्वितीय पाली — 40 सवालों का टेस्ट
- SST PYQ 2018 द्वितीय पाली — 40 सवालों का टेस्ट
- Social Science PYQ Class 10 — 42 सवालों का चैलेंज
- Bihar Board Class 10 Social Science Objective 2027 — 50 सवाल
- Bihar Board Class 10 Online Test 2027 — 30 दिन का प्लान
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आख़िरी बात
2020 की पहली पाली ने एक बात साफ़ कर दी थी — पेपर मुश्किल सवालों से नहीं, अनदेखे हिस्सों से भारी होता है। जिसने भूगोल को हल्के में लिया, उसके 23 सवाल वहीं रुक गए। जिसने बिहार के नाम याद रखे, उसके पाँच नंबर पहले ही पक्के थे।
इसलिए इस टेस्ट को सिर्फ़ स्कोर के लिए मत दीजिए। जो सवाल अटके, उनका नंबर लिखिए। जिन अध्यायों से सवाल आए, उन्हें एक बार फिर देखिए। अगली बार वही सवाल आए तो वहाँ नहीं रुकना है — यही इस पूरे अभ्यास का एकमात्र मक़सद है।
और हाँ, स्कोर जो भी आए, उसे अपनी पहचान मत बनाइए। वह उस दिन की तस्वीर है, पूरी तैयारी का फ़ैसला नहीं।
क्लास 10 · फ्री स्टडी मटेरियल
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