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SST PYQ 2018 द्वितीय पाली 40 सवालों का ऑनलाइन टेस्ट - askclass.in

sst pyq 2018 dwitiya pali 40 questions

2018 की बोर्ड परीक्षा में दूसरी पाली में बैठे बच्चों से आज भी एक बात सुनने को मिलती है — पेपर शुरू में इतना आसान लगा कि लगा आज तो पूरे नंबर पक्के हैं। पहले दस सवाल पढ़ते-पढ़ते रफ़्तार बढ़ गई, और फिर बीस के बाद कुछ सवाल ऐसे आए कि कलम रुक गई।

उस पाली का पेपर कठिन इसलिए नहीं था कि सवाल किताब से बाहर के थे। सवाल किताब के अंदर से ही थे। दिक्कत दो जगह थी — कुछ सवाल बिहार के अपने संदर्भ से आए, जो सिर्फ़ सामान्य भूगोल और इतिहास पढ़कर नहीं बनते, और कुछ सवाल दुनिया के इतिहास से आए, जिन्हें ज़्यादातर बच्चे आख़िरी हफ़्ते में छोड़ देते हैं।

नीचे उसी पेपर के ढाँचे पर बना चालीस सवालों का टेस्ट है। चारों हिस्से शामिल हैं — इतिहास, भूगोल, नागरिक शास्त्र और अर्थशास्त्र। सवाल वही भाषा बोलते हैं जो बोर्ड बोलता है, इसलिए टेस्ट देते समय आपको यह भी अंदाज़ा हो जाएगा कि असली पेपर में सवाल कहाँ घुमाकर पूछे जाते हैं।

उस पाली में पेपर भारी क्यों लगा

पहला कारण — दुनिया का इतिहास। ब्रेस्ट लिटोवस्क की संधि, वियतनाम का हो-ची-मिन्ह समझौता, गुटेनबर्ग का छापाखाना — ये सब किताब में हैं, पर इन्हें रिवीजन के आख़िरी दिनों के लिए छोड़ दिया जाता है। उस दिन जो सवाल आए, वे ठीक इन्हीं पन्नों से थे।

दूसरा कारण — बिहार। भूगोल और अर्थशास्त्र में कुछ सवाल सीधे बिहार से जुड़े थे। वन क्षेत्र कितने प्रतिशत है, किस जिले की प्रति व्यक्ति आय सबसे ज़्यादा है, रेलमार्ग की लंबाई कितनी है, भूजल में आर्सेनिक कैसे बढ़ा। ये सवाल उस बच्चे के लिए मुश्किल नहीं थे जिसने बिहार वाले पाठ पढ़े थे, और उस बच्चे के लिए सिरदर्द थे जिसने सिर्फ़ सामान्य भूगोल रटा था।

तीसरा कारण — विकल्पों की भाषा। उस पेपर में दो विकल्प अक्सर एक-दूसरे के बहुत करीब बैठे थे। एक शब्द का फ़र्क़ पूरा जवाब बदल देता था। जल्दबाज़ी में पढ़ने वाला बच्चा सही जानकर भी गलत विकल्प भर आता था, और बाद में कहता था कि सवाल ही गलत था।

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चालीस सवालों का बँटवारा

पेपर में किस हिस्से से कितने सवाल आए, यह पहले देख लीजिए। जिसे यह पता होता है कि कहाँ कितना वज़न है, वह पढ़ाई का समय भी उसी हिसाब से बाँटता है।

हिस्सासवालकहाँ से आए
इतिहासलगभग 10विश्व इतिहास, राष्ट्रीय आंदोलन, औद्योगिक क्रांति, छापाखाना
भूगोल और पर्यावरणलगभग 10संसाधन, उद्योग, बिहार का भूगोल, आपदा
नागरिक शास्त्रलगभग 8संविधान, लोकतंत्र, बिहार की राजनीति
अर्थशास्त्रलगभग 8क्षेत्रक, बैंक, वैश्वीकरण, उपभोक्ता अधिकार
आपदा और उपभोक्ताबाकी 4सुनामी, भूकंप, उपभोक्ता दिवस

तालिका देखकर एक बात साफ़ हो जाती है — कोई हिस्सा इतना बड़ा नहीं है कि बाकी छोड़ दिए जाएँ। चारों से लगभग बराबर सवाल आए हैं। जो बच्चा इतिहास छोड़कर सिर्फ़ भूगोल पर लगा रहता है, वह चौथा हिस्सा खुद ही काट देता है।

बिहार वाले सवाल, जो सिर्फ़ किताब से नहीं बनते

यह उस पेपर की सबसे अलग बात थी। बिहार बोर्ड की किताब में कुछ पाठ सीधे बिहार पर हैं, और उन्हीं से सवाल बनते हैं। लेकिन बच्चे उन पाठों को हल्का समझकर छोड़ देते हैं क्योंकि वे “बोर्ड के लिए ज़रूरी नहीं” लगते। नतीजा यह होता है कि चार-पाँच आसान सवाल बिना लड़े हार जाते हैं।

इसका इलाज यह नहीं है कि बिहार का सारा सामान्य ज्ञान रट लिया जाए। इलाज यह है कि किताब के जो पाठ बिहार पर हैं, उन्हें दो बार पढ़ा जाए — एक बार कहानी की तरह, और एक बार खुद से सवाल बनाकर। जब आप खुद सवाल बनाते हैं, तो याद रहता है कि कौन-सी बात संख्या में पूछी जा सकती है और कौन-सी कारण में।

यहाँ से टेस्ट शुरू कीजिए

टेस्ट खोलते ही सवाल एक-एक करके आपके सामने आएँगे। जवाब चुनने के बाद आगे बढ़िए और आख़िर में सबमिट कीजिए। तीन बातें पहले तय कर लीजिए।

किताब बंद रहे। साथ में नोट्स खुले रहे तो टेस्ट का मतलब नहीं रह जाएगा। आपको अपनी याद जाँचनी है, अपनी खोजने की आदत नहीं।

समय 30 से 35 मिनट रखिए। असली पेपर में भी एक सवाल पर औसतन इतना ही समय मिलता है। घड़ी सामने रखिए, वरना पता ही नहीं चलेगा कि रफ़्तार कहाँ जा रही है।

एक बार में पूरा कीजिए। दस सवाल करके बीच में उठ जाना सबसे बड़ी गलती है। टेस्ट पूरा होने पर ही पता चलता है कि आख़िरी सवालों में पकड़ कैसी है — और बोर्ड में नंबर अक्सर आख़िरी सवालों में ही छूटते हैं।

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SST PYQ – 40 Questions (2018 द्वितीय पाली)

1 / 40

1) 1. ब्रेस्ट लिटोवस्क की संधि किन देशों के बीच हुई थी?

2 / 40

2) 2. मार्च 1946 ई. में फ्रांस तथा वियतनाम के बीच होने वाला समझौता किस नाम से जाना जाता है?

3 / 40

3) 3. पूर्ण स्वराज्य की मांग का प्रस्ताव कांग्रेस के किस वार्षिक अधिवेशन में पारित हुआ?

4 / 40

4) 4. वल्लभ भाई पटेल को 'सरदार' की उपाधि किस किसान आंदोलन के दौरान दी गई?

5 / 40

5) 5. भारत के लिए पहला फैक्ट्री एक्ट कब पारित हुआ?

6 / 40

6) 6. पूंजीपति वर्ग के द्वारा किस वर्ग का शोषण हुआ?

7 / 40

7) 7. आधुनिक युग में अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में होने वाली सबसे बड़ी क्रांति कौन सी थी?

8 / 40

8) 8. भूमंडलीकरण की शुरुआत किस दशक में हुई?

9 / 40

9) 9. गुटेनबर्ग ने सर्वप्रथम किस पुस्तक की छपाई की?

10 / 40

10) 10. विश्व में सर्वप्रथम मुद्रण की शुरुआत कहाँ हुई?

11 / 40

11) 11. मेंढक के प्रजनन प्रक्रिया को बाधित करने वाला रसायन कौन सा है?

12 / 40

12) 12. बिहार में अति जल-दोहन से भूमिगत जल में किस तत्व का संकेंद्रण बढ़ा है?

13 / 40

13) 13. संविधान की धारा 21 का संबंध है-

14 / 40

14) 14. बिहार के कितने प्रतिशत भौगोलिक क्षेत्र में वन का फैलाव है?

15 / 40

15) 15. एल्युमिनियम बनाने के लिए किस खनिज की आवश्यकता पड़ती है?

16 / 40

16) 16. भारत के किस राज्य में सौर ऊर्जा के विकास की सर्वाधिक संभावनाएँ हैं?

17 / 40

17) 17. निम्नलिखित में से कौन छोटे पैमाने का उद्योग है?

18 / 40

18) 18. देश में कितने विशेष आर्थिक क्षेत्र विकसित हैं?

19 / 40

19) 19. बिहार की सीमा में रेलमार्ग की कुल लंबाई कितनी है?

20 / 40

20) 20. तल चिन्ह की सहायता से किसी स्थान की मापी गई ऊँचाई को क्या कहा जाता है?

21 / 40

21) 21. जब हम लैंगिक विभाजन की बात करते हैं तो हमारा अभिप्राय होता है-

22 / 40

22) 22. भारतीय संविधान के बारे में इनमें से कौन सा कथन सही है?

23 / 40

23) 23. सत्ता में साझेदारी सही है क्योंकि-

24 / 40

24) 24. वर्ष 1975 ई. भारतीय राजनीति में किस लिए जाना जाता है?

25 / 40

25) 25. बिहार में संपूर्ण क्रांति का नेतृत्व निम्नलिखित में से किसने किया?

26 / 40

26) 26. 'नर्मदा घाटी परियोजना' किन राज्यों से संबंधित है?

27 / 40

27) 27. निम्नलिखित में से किसे लोकतंत्र का प्राण माना जाता है?

28 / 40

28) 28. दल-बदल कानून निम्नलिखित में से किस पर लागू होता है?

29 / 40

29) 29. जनता दल (यूनाइटेड) पार्टी का गठन कब हुआ?

30 / 40

30) 30. निम्न में से कौन अर्थव्यवस्था के प्राथमिक क्षेत्र में सम्मिलित है?

31 / 40

31) 31. जिस देश की प्रति व्यक्ति आय अधिक होती है, वह देश कहलाता है-

32 / 40

32) 32. बिहार के किस जिले के प्रति व्यक्ति आय सर्वाधिक है?

33 / 40

33) 33. भारत का केंद्रीय बैंक कौन सा है?

34 / 40

34) 34. व्यावसायिक बैंकों का सर्वप्रथम राष्ट्रीयकरण कब किया गया?

35 / 40

35) 35. ऊर्जा के मुख्य स्रोत क्या हैं?

36 / 40

36) 36. इनमें से कौन सी बहुराष्ट्रीय कंपनी है?

37 / 40

37) 37. यदि किसी वस्तु या सेवा का मूल्य 20 लाख से अधिक तथा 1 करोड़ से कम है तो उपभोक्ता कहाँ शिकायत कर सकता है?

38 / 40

38) 38. सुनामी का प्रमुख कारण क्या है?

39 / 40

39) 39. भूकंप केंद्र के ऊर्ध्वाधर पृथ्वी पर स्थित केंद्र को क्या कहा जाता है?

40 / 40

40) 40. उपभोक्ता अधिकार दिवस कब मनाया जाता है?

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स्कोर आने के बाद — तीन बैंड, तीन रास्ते

स्कोर देखकर सबसे पहला काम यह तय करना है कि आप किस बैंड में हैं। हर बैंड का इलाज अलग है, और सबसे बड़ी गलती यह होती है कि हर कोई एक ही इलाज लगाने लगता है — पूरा सिलेबस दोबारा पढ़ना।

40 में से 0–20। यहाँ दिक्कत याद की नहीं, समझ की है। इस बैंड में पूरा सिलेबस छूने की ज़रूरत नहीं। दो चैप्टर चुनिए — एक इतिहास का, एक भूगोल का — और उन्हें किताब से शुरू से आख़िर तक पढ़िए। 48 घंटे बाद वही टेस्ट दोबारा दीजिए। अगर स्कोर दस अंक बढ़ा, तो तरीका सही है; उसी तरह बाकी चैप्टर भी कीजिए।

40 में से 21–30। यह सबसे आम बैंड है। इन बच्चों को पढ़ा हुआ याद है, पर धुंधला है — नाम याद है, साल नहीं; घटना याद है, कारण नहीं। यहाँ इलाज है एक पेज के नोट्स। हर चैप्टर के लिए एक पेज, जिसमें सिर्फ़ वही लिखा हो जो सवाल में बदल सकता है। साथ में गलत सवालों की एक कॉपी, जिसमें तीन कॉलम हों — सवाल, मेरा जवाब, सही जवाब।

40 में से 31–40। यहाँ ज्ञान ठीक है, कमी रफ़्तार और सटीकता की है। इन बच्चों को नया पढ़ने की ज़रूरत नहीं, टाइमर लगाकर पुराना दोहराने की ज़रूरत है। हर सवाल पर 45 सेकंड का नियम बनाइए। जो सवाल 45 सेकंड में न बने, उसे छोड़कर आगे बढ़िए और आख़िर में लौटिए। असली पेपर में यही आदत सबसे ज़्यादा नंबर बचाती है।

वह एक गलती, जो उस दिन सबसे महँगी पड़ी

पेपर में सबसे ज़्यादा नुकसान उन बच्चों का नहीं हुआ जिन्हें कुछ नहीं आता था। नुकसान उनका हुआ जिन्हें आता था, पर उन्होंने पहले दस सवालों की आसानी को पूरे पेपर की आसानी मान लिया।

यह गलती कैसे होती है, इसे समझ लीजिए। शुरू के सवाल आसान होते हैं, दिमाग़ रफ़्तार पकड़ लेता है, और शरीर को लगता है कि अब सब ऐसे ही चलेगा। फिर जब कठिन सवाल आता है, तो दिमाग़ उसे भी उसी रफ़्तार से पढ़ता है। नतीजा — सवाल आधा पढ़ा जाता है, “नहीं” और “केवल” जैसे शब्द छूट जाते हैं, और सही जानकर भी गलत विकल्प भरा जाता है।

दूसरी गलती उसी दिन की दूसरी छमाही में दिखी — बिहार वाले सवालों को हल्के में लेना। कई बच्चों ने सोचा कि बोर्ड ऐसे सवाल नहीं पूछेगा, और उन पाठों को बिल्कुल नहीं पढ़ा। पेपर आया, और ठीक वही सवाल आ गए।

इन दोनों गलतियों का इलाज एक ही है — टेस्ट देते समय हर दस सवाल पर दो सेकंड रुकना। साँस लीजिए, घड़ी देखिए, और खुद से पूछिए कि रफ़्तार ठीक है या बहक गई है। दो सेकंड का यह ठहराव आख़िर में दस नंबर बचा सकता है।

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2018 के सवाल आज क्यों काम के हैं

बोर्ड हर साल नया पेपर बनाता है, लेकिन सामाजिक विज्ञान का ढाँचा पिछले कई सालों से लगभग एक जैसा है। चैप्टर वही हैं, विषय वही हैं, सिर्फ़ सवाल की भाषा बदलती है। इसलिए पुराने पेपर को याद करने के लिए नहीं, पहचानने के लिए पढ़ा जाता है।

जब आप 2018 की दूसरी पाली का टेस्ट देते हैं, तो आपको तीन चीज़ें साफ़ दिखती हैं — किस चैप्टर से सीधा सवाल बनता है, किस चैप्टर से घुमाकर पूछा जाता है, और बिहार वाले पाठों का कितना वज़न है। यह तीन चीज़ें किसी गाइड में नहीं मिलतीं, अपना टेस्ट देकर ही मिलती हैं।

2027 की परीक्षा में बैठने वाले बच्चों के लिए यह और भी काम की चीज़ है। अभी समय है, इसलिए गलती करने का ख़र्च भी कम है। मार्च में वही गलती महँगी पड़ेगी।

अगले सात दिन का छोटा प्लान

टेस्ट देने के बाद ज़्यादातर बच्चे स्कोर देखकर आगे बढ़ जाते हैं। असली फ़ायदा अगले सात दिन में मिलता है। यह तालिका मुश्किल नहीं है — रोज़ एक घंटा काफ़ी है।

दिनकाम
पहलायह टेस्ट दीजिए और गलत सवालों की सूची बनाइए
दूसराइतिहास — विश्व इतिहास के दो चैप्टर, सिलसिले में
तीसराभूगोल — संसाधन और उद्योग, नक्शे के साथ
चौथाबिहार वाले पाठ, और उनसे दस सवाल खुद बनाइए
पाँचवाँनागरिक शास्त्र — संविधान और लोकतंत्र
छठाअर्थशास्त्र — बैंक, क्षेत्रक, उपभोक्ता अधिकार
सातवाँवही टेस्ट दोबारा, और दोनों स्कोर की तुलना

इसी सिलसिले के कुछ और पेज

अगर आप सामाजिक विज्ञान की तैयारी को सिलसिले में करना चाहते हैं, तो इन पेजों को भी एक बार देख लीजिए। सब मुफ़्त हैं और इसी सिलसिले की कड़ियाँ हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

इस टेस्ट के सवाल कहाँ से लिए गए हैं?

सवाल 2018 की बोर्ड परीक्षा की दूसरी पाली के पेपर के ढाँचे और विषयों पर बने हैं। जो बच्चा इस पेपर को देकर आया है, उसे सवाल जाने-पहचाने लगेंगे — और यही इस टेस्ट का मक़सद है।

चालीस सवालों के लिए कितना समय लेना चाहिए?

30 से 35 मिनट। अगर इससे ज़्यादा समय लग रहा है तो रफ़्तार पर काम करना है, और अगर बहुत कम लग रहा है तो सवाल ठीक से पढ़े नहीं जा रहे।

क्या यह टेस्ट दोबारा दिया जा सकता है?

हाँ। पहली बार देने के बाद तीन दिन रुकिए, फिर वही टेस्ट दोबारा दीजिए। दोनों स्कोर का फ़र्क़ ही आपकी असली प्रगति है।

मोबाइल पर भी चलेगा?

हाँ, मोबाइल और कंप्यूटर दोनों पर चलता है। मोबाइल पर देते समय नेटवर्क ठीक रखिए, वरना बीच में सवाल दोबारा खुल सकते हैं।

क्या यह 2027 की परीक्षा के लिए भी उपयोगी है?

हाँ। सामाजिक विज्ञान के चैप्टर और उनका वज़न लगभग वही रहता है। हाँ, सिलेबस में हुए बदलाव अपनी किताब से एक बार मिला लीजिए, क्योंकि बोर्ड कभी-कभी कुछ हिस्से हटा या जोड़ देता है।

आख़िरी बात

सामाजिक विज्ञान वह विषय है जहाँ मेहनत जल्दी रंग लाती है, बस तरीका सही होना चाहिए। रोज़ बीस-पच्चीस सवाल, हफ़्ते में एक पूरा टेस्ट, और गलतियों की एक कॉपी — इतना करने वाला बच्चा दो महीने में खुद फ़र्क़ देख लेता है।

तो अब ऊपर जाइए, टेस्ट दीजिए, और अपना स्कोर देखिए। जो सवाल गलत हों, उन्हें नीचे कमेंट में लिख दीजिए — हम उन्हीं चैप्टरों पर अलग से टेस्ट बनाएँगे।

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